

मुल्लांपुर : पदार्पण कर रहे बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार की कलात्मक गेंदबाजी ने भारतीय क्रिकेट को उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाई और उनके तीन विकेटों की बदौलत भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के दूसरे दिन पूरी तरह दबदबा कायम कर लिया। भीषण गर्मी के बीच भारत ने वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 52) के संयमित अर्द्धशतक और सुथार के साथ सातवें विकेट के लिए 54 रन की उपयोगी साझेदारी के बाद अपनी पहली पारी आठ विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित कर दी। दिन का खेल समाप्त होने तक अफगानिस्तान की टीम 113 रन पर 5 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी। सुथार ने 15.5 ओवर में 21 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने सात ओवर में 27 रन देकर दो विकेट झटके।
पहली पारी में 41 गेंदों पर 28 रन की उपयोगी पारी खेलने के बाद सुथार ने गेंदबाजी में भी प्रभाव छोड़ा। चाय से पहले आखिरी ओवर में गेंदबाजी के लिए बुलाए गए सुथार ने अब्दुल मलिक (16) को आउट कर अपना पहला टेस्ट विकेट हासिल किया। मलिक शुरुआती तीन गेंद पर असहज दिखे और चौथी गेंद पर स्वीप खेलने के प्रयास में विकेट गंवा बैठे। राजस्थान के श्रीगंगानगर के 23 वर्षीय सुथार की पारंपरिक शैली और कलात्मक रन-अप देखने लायक था। ऐसे दौर में जब T-20 क्रिकेट के प्रभाव से स्पिन गेंदबाजी विकेट चटकाने की जगह रन रोकने का हथियार बनती जा रही है, सुथार ने ‘फ्लाइट’ और ‘टर्न’ जैसे बुनियादी गुणों के दम पर अलग छाप छोड़ी।
सुथार की ‘फ्लाइटेड’ गेंद को हवा में अतिरिक्त समय मिलने के कारण बल्लेबाजों को लगातार परेशान कर रही थी। उनकी सबसे बड़ी विशेषता लगातार एक जैसी लाइन और लेंथ बनाए रखते हुए टर्न और उछाल में विविभता लाने की रही। टेलीविजन पर दिखाई गई पिच मैप से स्पष्ट था कि वह एक ही स्थान पर गेंद डालकर अलग-अलग प्रभाव पैदा कर रहे थे। कुछ गेंदें ज्यादा टर्न ले रही थीं, कुछ अतिरिक्त उछाल के साथ सीधी निकल रही थीं, जबकि कुछ पारंपरिक ‘आर्म बॉल’ के रूप में अंदर आती दिखीं। अब्दुल मलिक का विकेट ऐसी ही गेंद पर मिला, जो सीधी रही और अतिरिक्त उछाल के कारण उनका स्वीप शॉट गलत साबित हुआ। कोलकाता नाइट राइडर्स के पूर्व बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज (12) को भी उन्होंने चतुराई से फंसाया।
पहले कुछ सीधी गेंदें डालकर उन्हें आगे आने से रोका और फिर उसी स्थान से दायें हाथ के बल्लेबाज के लिए बाहर निकलती हुई गेंद लेकर बल्ले का किनारा लेती हुई दूसरी स्लिप में खड़े साई सुदर्शन के हाथों में चली गई। उनका तीसरा विकेट अफसर जजई (तीन) के रूप में मिला। पिच पर टप्पा खाने के बाद गेंद की गति थोड़ी धीमी हो गयी और सुथार ने आसानी से कैच लपक लिया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी सुथार पर पूरा भरोसा जताया और उन्हें एक छोर से लगातार 13 ओवर गेंदबाजी कराई, जबकि दूसरे छोर से मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव का उपयोग करते रहे। सुथार की यह प्रभावशाली शुरुआत अगर बेहतर भविष्य का संकेत है, तो भारतीय चयनकर्ताओं को लाल गेंद क्रिकेट में रविंद्र जडेजा के बाद के दौर को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
इससे पहले ऋषभ पंत ने 121 गेंदों पर 81 रन की आकर्षक पारी खेलकर आलोचकों को जवाब दिया जबकि अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम ने 140 रन देकर छह विकेट चटकाए। कम दर्शकों की मौजूदगी में पंत ने अपने आक्रामक अंदाज और संयम का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। उन्होंने 121 गेंदों की पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए। पंत शतक की ओर बढ़ रहे थे लेकिन ऑफ स्पिनर हशमुतुल्लाह शाहिदी ने अचानक अपनी गेंद की गति काफी धीमी कर दी। पंत ने उसे आगे बढ़कर खेलना चाहा लेकिन उनका शॉट हवा में लहरा गया और वह कैच आउट हो गए। अफगानिस्तान की ओर से आईपीएल स्टार अजमतुल्लाह ओमरजई बदकिस्मत नजर आए।
दूसरी नयी गेंद से उन्होंने प्रभावशाली गेंदबाजी की और कई बार बल्लेबाजों को परेशान किया, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी भारतीय बल्लेबाजों को जीवनदान मिला। गेंद पंत के बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के दस्तानों में गई, लेकिन विकेटकीपर और क्षेत्ररक्षकों ने अपील नहीं की। सलामी बल्लेबाज केएल राहुल को मैच के पहले दिन इसी तरह का जीवनदान मिला था। भारत ने सुबह अपनी पारी तीन विकेट पर 368 रन से आगे बढ़ाई और पहले सत्र में 25 ओवर में 107 रन जोड़े। इस दौरान उसने कप्तान शुभमन गिल (177 गेंदों पर 126 रन), ध्रुव जुरेल (20 गेंदों पर 19 रन) और पंत के विकेट गंवाए। मैच के पहले दिन केएल राहुल ने 100 और साई सुदर्शन ने 81 रन बनाए थे।
गिल सुबह के सत्र में आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे। सलीम की ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के दस्तानों में समां गई। इसके साथ ही गिल और पंत के बीच 169 रन की साझेदारी समाप्त हो गई। गिल ने अपनी पारी में 15 चौके और एक छक्का लगाया। ध्रुव जुरेल ने विकेट के स्क्वायर क्षेत्र में कुछ खूबसूरत शॉट खेले, लेकिन सलीम की रिवर्स स्विंग लेती गेंद को उन्होंने छोड़ने का फैसला किया, जो उनकी विकेटों में समा गई। दर्शक हालांकि जुरेल के मुकाबले पंत के आउट होने से अधिक निराश थे। वॉशिंगटन सुंदर ने 68 गेंदों पर नाबाद 52 रन बनाए जबकि सुथार ने 41 गेंदों पर 28 रन का योगदान दिया। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 54 रन जोड़कर भारत को 500 रन के पार पहुंचाया। अफगानिस्तान के गेंदबाजों के थकने का फायदा उठाते हुए वॉशिंगटन ने धैर्य के साथ स्ट्राइक रोटेट की और मौके मिलने पर बड़े शॉट भी लगाए। उनके अर्धशतक पूरा करते ही कप्तान गिल ने पारी घोषित करने का संकेत दे दिया।