

नयी दिल्ली : एशियाई ओलंपिक परिषद (OCA) के अनिवार्य निर्देश के तहत नीतल नारंग एशियाई खेलों में भारत की पहली सुरक्षा (सेफगार्डिंग) अधिकारी होंगी। इस बड़ी खेल प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के साथ उत्पीड़न, दुर्व्यवहार या उपेक्षा से जुड़े मामलों में नीतल खिलाड़ियों के लिए संपर्क का मुख्य माध्यम होंगी। नीतल भारतीय सॉफ्टबॉल संघ की अध्यक्ष हैं और वह पहले भारतीय मुक्केबाजी के प्रशासनिक ढांचे का भी हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने खेलों में सुरक्षा अधिकारी के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) का आवश्यक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम पूरा किया है। 20वें एशियाई खेलों का आयोजन 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होगा।
नीतल ने कहा, ‘यह एक बहुत व्यापक भूमिका है जिसमें उपेक्षा जैसे छोटे मामलों से लेकर मानसिक उत्पीड़न और इससे भी गंभीर यौन उत्पीड़न जैसे मामलों को शामिल किया जाएगा। मेरा काम खिलाड़ियों को अपनी बात रखने के लिए एक सुरक्षित माहौल देना है, चाहे मामला मनोवैज्ञानिक दुर्व्यवहार, उत्पीड़न, धमकाने, उपेक्षा या अलग-थलग किए जाने का हो।’ उन्होंने कहा, ‘इन शिकायतों से निपटने की प्रक्रिया को गोपनीय रखा जाएगा ताकि खिलाड़ियों में विश्वास पैदा हो और वे बेझिझक अपनी शिकायतें साझा कर सकें।’ उन्होंने कहा, ‘उन्हें पहले ही इस विषय में जागरूक किया जा चुका है और आने वाले दिनों में उन्हें इस बात की विस्तृत जानकारी दी जाएगी कि वे सुरक्षा अधिकारी से क्या अपेक्षाएं रख सकते हैं। यह पहली बार है जब भारत अपने एशियाई खेल दल के लिए इस तरह के अधिकारी की नियुक्ति कर रहा है और उम्मीद है कि यह पहल काफी लाभदायक साबित होगी।’
नीतल OCA के सुरक्षा अधिकारी के साथ करीबी समन्वय में काम करेंगी। OCA के अधिकारी की जिम्मेदारी खेलों के दौरान उत्पीड़न और दुर्व्यवहार से जुड़ी सभी शिकायतों और रिपोर्टों का दस्तावेजीकरण करना होगा। OCA ने 2022 में इस पद को अनिवार्य किया था। इसके बाद भारत ने पिछले साल युवा एशियाई खेलों के लिए भी एक सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया था जिसमें पूर्व गोला फेंक एथली ओम प्रकाश करहाना ने यह जिम्मेदारी निभाई थी। OCA ने अपने सुरक्षा ढांचे की रूपरेखा बताते हुए कहा था, ‘खेलों में उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है और पूरे साल सुरक्षित खेल वातावरण सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जरूरत पड़ने पर प्रत्येक खिलाड़ी को सुरक्षा अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराने का विकल्प दिया जाना चाहिए।’ सुरक्षा अधिकारी ओलंपिक खेलों का भी हिस्सा रहे हैं। कुछ देशों ने उन्हें 2024 पेरिस ओलंपिक में भी अपने दल में शामिल किया था, हालांकि उस समय उनकी नियुक्ति अनिवार्य नहीं थी।
भारत एशियाड में 36 खेल स्पर्धाओं में कुल 503 खिलाड़ियों को उतारेगा जिनमें 269 पुरुष और 234 महिलाएं शामिल हैं। भारत की कोशिश पिछले चरण में हासिल किए गए अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ 106 पदक के आंकड़े को पीछे छोड़ने की होगी। हांगझोउ में भारत ने 28 स्वर्ण, 38 रजत और 40 कांस्य पदक जीते थे। हांगझोउ खेलों में भारत ने 35 खेलों में 661 खिलाड़ियों का काफी बड़ा दल उतारा था। वहीं इस दफा 246 सदस्यीय सहयोगी स्टाफ में केवल 56 महिलाएं शामिल हैं जो कुल संख्या का लगभग 22 प्रतिशत है। दल में पुरुषों और महिलाओं के असंतुलित अनुपात को देखते हुए खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को निर्देश दिया है कि जिन टीमों के लिए महिला सहयोगी स्टाफ पहले से निर्धारित नहीं है, उनके साथ पर्याप्त संख्या में महिला स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। वॉलीबॉल और ई-स्पोर्ट्स में महिला सहयोगी स्टाफ का नहीं होना समझ में आता है क्योंकि इन स्पर्धाओं में केवल पुरुष खिलाड़ी ही हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि तीन सदस्यीय महिला जूडो टीम और गोल्फ में शामिल तीन महिला खिलाड़ियों के साथ भी कोई महिला सहयोगी स्टाफ सदस्य नहीं है।