हांगझोउ से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं भारतीय तीरंदाज : डोला बनर्जी

धीरज बोम्मादेवरा की विश्व कप फाइनल में ऐतिहासिक स्वर्ण जीत से डोला बनर्जी को एशियाई खेलों में भारतीय तीरंदाजों के हांगझोउ से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद, आत्मविश्वास और निरंतरता को बताया सफलता की कुंजी
 हांगझोउ से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं भारतीय तीरंदाज : डोला बनर्जी
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कोलकाता : तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज डोला बनर्जी ने 19 साल बाद धीरज बोम्मादेवरा के यह उपलब्धि हासिल करने पर खुशी जतायी। उन्होंने कहा कि इससे एशियाई खेलों में भारतीय तीरंदाजों को बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा मिलेगी। धीरज ने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता कोरिया के ली वू सियोक को हराकर जून में अंताल्या में विश्व कप के तीसरे चरण में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने मैक्सिको में रविवार को सत्र के आखिरी फाइनल में इसी लय को कायम रखते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

दुबई में 2007 में विश्व कप में स्वर्ण जीतने वाली डोला ने कहा, ‘सत्र के शीर्ष आठ तीरंदाजों के साथ खेलकर स्वर्ण जीतना आसान नहीं है। इस जीत से उसका आत्मविश्वास काफी बढेगा। वह अपने कैरियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में है।’ पूर्वी रेलवे में खेल अधिकारी के तौर पर कार्यरत डोला ने कहा, ‘धीरज पिछले पांच छह साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। निरंतरता और मानसिक दृढता से उसे मदद मिलेगी।’ भारतीय तीरंदाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में सारे पांच स्वर्ण पदक जीते थे और कुल नौ पदक अपने नाम किये थे।

इस बार टीम में दीपिका कुमारी, अतनु दास और अभिषेक वर्मा जैसे बड़े नाम नहीं है। वहीं हांगझोउ में तीन स्वर्ण जीतने वाले ओजस देवताले भी टीम में जगह नहीं बना सके। डोला ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि धीरज व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतेगा जो पिछली बार नहीं जीत सका था। जब कोई अच्छा खेलता है तो पूरी टीम को प्रेरणा मिलती है। धीरज की जीत से पूरी रिकर्व टीम को अच्छे प्रदर्शन की प्रेरणा मिलेगी। मुझे लगता है कि पिछली बार से ज्यादा पदक जीतेंगे।’  

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