भारत बड़े टूर्नामेंटों का भरोसेमंद और सफल मेजबान : मांडविया

पिछले महीने इंडिया ओपन बैडमिंटन के आयोजन से जुड़े मसलों के लिये हुई आलोचना के बीच खेलमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महासंघों से मिले समर्थन का हवाला दिया
खेल मंत्री मनसुख मांडविया
खेल मंत्री मनसुख मांडविया
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नयी दिल्ली : ओलंपिक 2036 की मेजबानी के इच्छुक भारत को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिये भरोसेमंद और सफल मेजबान बताते हुए खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि पिछले एक साल में 20 से अधिक खेलों में 45 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी करके भारत ने यह साबित कर दिया है। पिछले महीने इंडिया ओपन बैडमिंटन के आयोजन से जुड़े मसलों के लिये हुई आलोचना के बीच खेलमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महासंघों से मिले समर्थन का हवाला दिया। भारत में 2030 राष्ट्रमंडल खेल अहमदाबाद में होंगे और इसी शहर को ओलंपिक 2036 की मेजबानी के दावेदार के रूप में चुना गया है।

मांडविया ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘भारत ने पिछले एक साल में 20 से अधिक खेलों में करीब 45 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी की है जिनमें ओलंपिक, पैरालम्पिक और राष्ट्रमंडल कोर खेल शामिल हैं। यह दिखाता है कि भारत तकनीकी रूप से पेचीदा, अनेक आयोजन स्थल वाले, प्रसारण की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण और बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी वाले टूर्नामेंटों की मेजबानी में सक्षम है।’ भारत ने पिछले साल एशियाई एक्वाटिक्स चैम्पियनशिप (अहमदाबाद), विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंंपियनशिप (दिल्ली), खोखो विश्व कप , एफआईएच प्रो लीग, जूनियर हॉकी विश्व कप, आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप, बीडब्ल्यूएफ जूनियर विश्व चैम्पियनशिप और यूसीआई पुणे ग्रैंड टूर साइकिलिंग की मेजबानी की।

मांडविया ने कहा, ‘यह बताता है कि भारत राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी के लिये पूरी तरह से तैयार है। अंतरराष्ट्रीय महासंघों के सीनियर अधिकारियों ने बार बार इसका समर्थन किया है और यह ओलंपिक 2036 की मेजबानी की हमारी आकांक्षा के अनुरूप है। यह दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी के लिये भारत को भरोसेमंद, विश्व स्तर पर सम्मानित और भविष्य के लिये तैयार मेजबान के रूप में स्थापित करता है।’ उन्होंने यह भी कहा कि भारत में खेल सामान निर्माण क्षेत्र के लिये भी योजनायें लाई जायेंगी जिसे पहली बार आम बजट में 500 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। उन्होंने कहा, ‘इस समय हम 80 से 85 प्रतिशत खेल सामान का आयात कर रहे हैं। हम ऐसी योजनायें लायेंगे कि खेल सामान भारत में ही बने और हमें आयात पर निर्भर नहीं रहना पड़े।’

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