'T-20 में केवल ओपनर की जगह पक्की होती है'

टी-20 में बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन बनाए रखने पर जोर: गौतम गंभीर
भारतीय क्रिकेट टीम के कोच
भारतीय क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर (फाइल फोटो)
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रांची : भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे T-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ऑलराउंडर शिवम दुबे को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने का बचाव करते हुए कहा कि टीम आगे भी खेल के सबसे छोटे प्रारूप में बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन बनाए रखेगी। ईशान किशन के आउट होने के बाद शानदार फॉर्म में चल रहे कप्तान श्रेयस अय्यर की जगह दुबे को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। उन्होंने ऑफ स्पिनर रोस्टन चेज की गेंद पर आउट होने से पहले 10 गेंद पर सात रन बनाए। गंभीर ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हम लंबे समय से उनका इसी तरह इस्तेमाल करते आ रहे हैं। विश्व कप और उससे पहले भी हमने ऐसा किया था।

यह आज पहला मौका नहीं था जबकि हमने उन्हें उपरी क्रम में बल्लेबाजी के लिए भेजा।’ भारत बीच के ओवरों में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाया। अय्यर और तिलक वर्मा ने इसकी भरपाई की और टीम को पांच विकेट पर 249 तक पहुंचाया। वेस्टइंडीज ने हालांकि 18.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। गंभीर ने दुबे को चौथे नंबर पर भेजे जाने की फैसले का बचाव करते हुए इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने बल्लेबाजी क्रम को लचीलापन बनाए रखेगा। उन्होंने कहा, ‘यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट है। कभी-कभी चीजें आपके पक्ष में जाती हैं और कभी-कभी नहीं। उन्होंने इससे पहले चौथे नंबर पर अच्छी बल्लेबाजी भी की है।’ गंभीर ने कहा, ‘हमारा अपने बल्लेबाजी क्रम को लेकर रवैया लचीला रहा है और हम इसे जारी रखेंगे।

कोच बनने के बाद से मैंने हमेशा कहा है कि T-20 क्रिकेट में केवल सलामी बल्लेबाज ही स्थायी होते हैं। बाकी बल्लेबाजी क्रम लचीला रहना चाहिए।’ गंभीर ने इसके साथ ही कहा कि टीम को ओस से भीगी सपाट पिचों पर बड़े स्कोर का बचाव करने के तरीके खोजने होंगे। भारतीय कोच ने कहा, ‘आप किसी भी हार को हल्के में नहीं ले सकते। अगर आप लगातार सुधार करना चाहते हैं तो आप किसी भी बात को छिपाना नहीं चाहेंगे। हम विश्व चैंपियन हैं और इसलिए हम लगातार सुधार करना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘गेंदबाजों के लिए परिस्थितियां मुश्किल थी। हम जानते हैं कि ओस से भीगी सपाट पिचों पर गेंदबाजी करना मुश्किल होता है, लेकिन हमें विपक्षी टीम को रोकने का कोई तरीका ढूंढना होगा।

विशेषकर तब जबकि उन्होंने पावरप्ले में तीन विकेट गंवा दिए हों।’ गंभीर ने कहा कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को जीत का श्रेय जाता है। उन्होंने कहा, ‘वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों विशेषकर शाई होप (नाबाद 102) और शेरफेन रदरफोर्ड (84) को श्रेय जाता है। हम जानते हैं कि इस प्रारूप में वे विश्वस्तरीय बल्लेबाज हैं। हमारे लिए यह मुश्किल था, लेकिन हम सुधार करते रहेंगे।’ भारत के लिए एक प्रमुख सकारात्मक पहलू तेज गेंदबाज मयंक यादव की तूफानी गेंदबाजी रही, जिन्होंने लगातार 140 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से गेंदबाजी की और वेस्टइंडीज के शीर्ष क्रम को झकझोर दिया।

गंभीर ने हालांकि कहा कि मैच जीतने के लिए पूरे 40 ओवर अच्छा प्रदर्शन करना होता है। उन्होंने कहा, ‘मैच पहले ओवर में जीता या हारा नहीं जाता है। पूरे 40 ओवर तक अच्छा प्रदर्शन करने से ही जीत मिलती है।’ गंभीर ने कहा, ‘अगर आप 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो 150 की रफ्तार से गेंदबाजी करें। अगर आप 120 की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो 120 की रफ्तार से गेंदबाजी करें। जब आप तेज गेंदबाज के रूप में खेल रहे होते हैं, तो आपको उस भूमिका को अच्छी तरह से निभाना चाहिए। उसने आज ऐसा किया और वह सफल रहा।’

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