

बेंगलुरू : भारत के नए डेविस कप हीरो दक्षिणेश्वर सुरेश का कहना है कि देश के लिए उनका शानदार प्रदर्शन ‘बस शुरुआत है’ क्योंकि वह एक अमेरिकी विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एटीपी टेनिस टूर पर पूरी तरह से प्रतियोगिता में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी में कम्युनिकेशन स्टडीज की पढ़ाई कर रहे 25 साल के दक्षिणेश्वर इस साल मई में अपनी डिग्री पूरी करेंगे। सितंबर 2025 में पदार्पण करने के बाद सिर्फ दो मुकाबलों में दक्षिणेश्वर ने अपने सभी चार मैच जीते हैं। इनमें से तीन जीत उन्हें पिछले सप्ताहांत बेंगलुरू में नीदरलैंड के खिलाफ मिलीं। दक्षिणेश्वर ने कहा, ‘अभी बहुत लंबा रास्ता तय करना है। यह तो बस शुरुआत है।’
दक्षिणेश्वर ने इसके साथ 2004 में जापान के खिलाफ एक ही मुकाबले में तीन मैच जीतने के लिएंडर पेस की उपलब्धि की बराबरी की। दक्षिणेश्वर के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने नीदरलैंड को 3-2 से हराकर डेविस कप क्वालीफायर के दूसरे दौर में जगह बनाई जहां वे सितंबर में कोरिया से भिड़ेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए अमेरिका जाऊंगा, फिर मई में वापस आकर अपना कार्यक्रम तय करूंगा। एक बार जब यह तय हो जाएगा तो मैं टूर में शामिल हो जाऊंगा और अगले डेविस कप मुकाबले की तैयारी करूंगा।’ दक्षिणेश्वर के शानदार रिकॉर्ड पर कप्तान रोहित राजपाल ने कहा, ‘बहुत कम खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो डेविस कप मुकाबले में 4-0 का रिकॉर्ड बनाते हैं, विशेषकर अच्छे विरोधियों के खिलाफ।
वह लगातार अच्छी सर्विस करते हैं और अच्छे फोरहैंड लगाते हैं। मुझे उम्मीद है कि वह अपने टेनिस का आनंद लेते रहेंगे और अच्छा प्रदर्शन करते रहेंगे।’ दक्षिणेश्वर ने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करने से उनके खेल का एक अलग पहलू सामने आया है। उन्होंने कहा, ‘जब आप अपने देश के लिए खेलते हैं तो यह एक अलग एहसास होता है। आप सिर्फ अपने लिए नहीं खेल रहे होते, आप पूरे देश के लिए खेल रहे होते हैं। मैंने इन मैच में कुछ अलग तरह का टेनिस खेला और मुझे इस पर बहुत गर्व है।’ राजपाल ने चोटिल सुमित नागल की भी तारीफ की जो पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद टीम की अगुवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘सुमित 50 प्रतिशत भी फिट नहीं थे। उनके कूल्हे में ग्रेड टू की चोट थी और हम फिजियो के साथ दिन-रात काम कर रहे थे। लेकिन उन्होंने एक शेर की तरह लड़ाई लड़ी और टीम की वैसे ही अगुआई की जैसे भारत के नंबर वन खिलाड़ी को करनी चाहिए।’
राजपाल ने सहयोगी स्टाफ, विशेषकर फिजियो के योगदान की खास तौर पर तारीफ की और कहा कि इस मुकाबले ने भारत की बढ़ती ताकत को दिखाया है। चोट के कारण तीन हफ्ते बाहर रहे नागल अपने दोनों एकल मैच हार गए थे। उन्होंने माना कि यह एक मुश्किल हफ्ता था लेकिन अपनी लड़ाई से उन्हें हौसला मिला। उन्होंने कहा, ‘इतने जरूरी मुकाबले से पहले चोट लगना निराशाजनक था लेकिन बिना खेले या अभ्यास किए बिना मैदान में आकर मुकाबला करना आसान नहीं था। युगल अंक बहुत जरूरी था और डीके ने शानदार टेनिस खेला।’ कोरिया के खिलाफ अगले मुकाबले के बारे में बात करते हुए राजपाल ने कहा कि वे जश्न के बाद रणनीति बनाना शुरू करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम कल से रणनीति बनाना शुरू करेंगे, वे हमारे से कहां खेलेंगे, किस सतह पर। मैं खिलाड़ियों के साथ लगातार संपर्क में रहता हूं। टीम का चयन और योजना बनाना एक सामूहिक प्रक्रिया है।’