'सोचा नहीं था मिताली दीदी से आगे निकलूंगी'

मिताली राज का अंतरराष्ट्रीय रन रिकॉर्ड तोड़कर स्मृति मंधाना बनी महिला क्रिकेट की सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज, तीनों प्रारूपों में अब 10,880 रन और एशिया कप में धमाकेदार शतक से कई बड़े कीर्तिमान अपने नाम
फाइल फोटो
फाइल फोटो
Published on

दुबई : मिताली राज को पीछे छोड़ महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने के बाद स्मृति मंधाना ने कहा कि उन्होंने 'कभी कल्पना नहीं की थी' कि वह भारतीय क्रिकेट की इस दिग्गज बल्लेबाज को पीछे छोड़ पाएंगी। मंधाना ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा मिताली राज की कप्तानी में खेला है। मिताली उनके लिए बचपन से ही आदर्श रही हैं। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम गुरुवार को भारतीय उपकप्तान ने मिताली के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मंधाना के नाम अब तीनों प्रारूपों में कुल 10,880 रन हो गए हैं।

मंधाना ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘जब तक मैं बल्लेबाजी कर रही थी, मुझे पता ही नहीं था कि मैं कौन सा रिकॉर्ड तोड़ने वाली हूं, क्योंकि मुझे रनों का सही आंकड़ा मालूम नहीं था। उन्होंने कहा, ‘मैं जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए निश्चित रूप से बहुत अच्छा दिन था। मिताली दीदी ऐसी दिग्गज और आदर्श रही हैं, जिन्हें हम सभी ने बचपन से बल्लेबाजी करते हुए देखा है। उनके रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ पाना मैंने कभी नहीं सोचा था। मुझे इस बात की खुशी है कि इस सूची में शीर्ष दो स्थानों पर भारतीय हैं।’ हांगकांग के खिलाफ मंधाना ने शानदार शतक जड़कर एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया।

उन्होंने महिला T-20 एशिया कप में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का नया रिकॉर्ड बनाया और श्रीलंका की चमारी अटापट्टू के नाबाद 119 रन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। उनकी पारी की बदौलत भारत ने पांच विकेट पर 193 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में हांगकांग की टीम 16.2 ओवर में सिर्फ 56 रन पर सिमट गई और भारत ने महिला T-20 अंतरराष्ट्रीय में रनों के लिहाज से अपनी दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वाली बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनके शतकों की संख्या अब 18 हो गई है, जिससे उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज मेग लैनिंग (17 शतक) को पीछे छोड़ दिया।

उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों के रिकॉर्ड को पार करना खास है। 18 एक अच्छा आंकड़ा है।’ मंधाना ने कहा, ‘मेग लैनिंग और मिताली राज महिला क्रिकेट की दो ऐसी दिग्गज हैं, जिन्हें देखते हुए मैं बड़ी हुई हूं और बतौर बल्लेबाज उनसे बहुत कुछ सीखने की कोशिश की है।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए खुशी है कि मैं इन दिग्गजों को पीछे छोड़ सकी, लेकिन फिर भी मैं इसे सिर्फ एक आंकड़ा ही मानूंगी।’ भारत की लगातार दो बड़ी जीत के बावजूद मध्यक्रम के बल्लेबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।

मंधाना ने हालांकि अपनी साथी बल्लेबाजों का बचाव करते हुए कहा, 'मध्यक्रम में सभी बल्लेबाज विश्वस्तरीय हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि वे परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेंगी।' मंधाना ने यह भी माना कि दुबई की गर्मी और उमस में लंबे समय तक बल्लेबाजी करना शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'आज ऐसा लग रहा था जैसे ‘स्टीम बॉक्स’ में बल्लेबाजी कर रही हूं। गर्मी और उमस के कारण लंबे समय तक बल्लेबाजी करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।’

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in