

टोरंटो : कनाडा ने शुरू में पिछड़ने के बाद वापसी करके बोस्निया-हर्जेगोविना को 1-1 से ड्रॉ पर रोककर विश्व कप फुटबॉल में अब तक खेले गए अपनी कुल सात मैचों में पहली बार अंक हासिल किया। स्टेडियम जब कनाडा की लाल जर्सी के रंग में रंगा हुआ था और दर्शक ‘गो कनाडा’ के नारे लगा रहे थे तब उसकी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही जिससे दर्शक सन्न रह गए। बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए जोवो लुकिच ने 21वें मिनट में कॉर्नर किक पर हेडर से गोल दागा। कनाडा की टीम और उसके प्रशंसकों ने हालांकि भरोसा बनाए रखा और आखिर में उसे 78वें मिनट में जश्न मनाने का मौका मिल गया जब स्थानापन्न खिलाड़ी साइल लारिन ने बराबरी का गोल किया। दर्शकों में कनाडा के हॉकी स्टार कॉनर मैकडेविड तथा अभिनेता रयान रेनॉल्ड्स और माइक मायर्स भी मौजूद थे।
ऐसे में लारिन ने मैदान पर उतरने के महज दो मिनट बाद ही प्रॉमिस डेविड के पास को गोल में बदल दिया। कनाडा की कोच जेसी मार्श ने कहा, ‘मुझे लगता है कि दर्शकों ने हमारे अंदर जोश भर दिया क्योंकि खिलाड़ी दूसरे हाफ में अधिक जोश के साथ खेल रहे थे।’ लारिन के लिए यह और भी बेहतर अनुभव था, जो आमतौर पर शुरुआती लाइनअप में होते हैं, लेकिन उन्हें दूसरे हाफ के आखिर क्षणों तक बेंच पर बैठकर मैच देखना पड़ा। लारिन ने कहा, ‘अपने गृहनगर में गोल करना और प्रशंसकों के साथ जश्न मनाना अद्भुत अहसास है। माहौल शानदार था।’ लारिन का यह गोल विश्व कप में कनाडा का केवल दूसरा गोल था।
इससे पहले उसकी टीम 1986 में मैक्सिको में और चार साल पहले कतर में हुए विश्व कप में अपने सभी मैच हार गई थी। बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए गोल करने वाले लुकिच को भी शुरुआती एकादश में जगह नहीं मिलती लेकिन एडिन डेजेको (कंधे में चोट) और हारिस तबाकोविच (चोट का कारण अज्ञात) के चोटिल होने के कारण उन्हें शुरू में ही मैदान पर उतारा गया और वह अपेक्षाओं पर खरे उतरे। बोस्निया-हर्जेगोविना दूसरी बार विश्व कप में हिस्सा ले रहा है।
इससे पहले उसने 2014 में ब्राजील में खेले गए विश्व कप में भाग लिया था लेकिन तब उसकी टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई थी। बोस्निया के कोच सर्गेई बारबारेज के लिए यह राहत की बात थी कि उनकी टीम ने इतने मुश्किल माहौल में भी डटकर मुकाबला किया। बारबारेज ने कहा, ‘बहुत बड़ा दबाव था। मैं अपनी टीम की तारीफ करता हूं कि उसने दबाव के आगे घुटने नहीं टेके। मैं अपनी टीम के प्रदर्शन से बहुत संतुष्ट हूं।’ अब बोस्नियाई टीम का मुकाबला 18 जून को लॉस एंजिलिस में स्विट्जरलैंड और 24 जून को सिएटल में कतर से होगा। कनाडा वैंकूवर में 18 जून को कतर और 24 जून को स्विट्जरलैंड से खेलेगा।