मौजूदा टीम से थोड़ी ईर्ष्या हो रही : छेत्री

ब्राजील-उरुग्वे जैसी दिग्गज टीमों से भिड़ने का मौका देखकर छेत्री को हल्की ईर्ष्या, दो दशक के करियर में ऐसे मुकाबलों का सपना ही रह गया
मौजूदा टीम से थोड़ी ईर्ष्या हो रही : छेत्री
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कोलकाता : भारत के पूर्व कप्तान सुनील छेत्री ने माना कि मौजूदा पीढ़ी के खिलाड़ियों को ब्राजील और उरुग्वे जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिलता देखकर उन्हें थोड़ी ईर्ष्या हो रही है। देश के महान खिलाड़ियों में शामिल छेत्री ने कहा कि करीब दो दशक के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्हें कभी ऐसी बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिला। भारतीय फुटबॉल का चेहरा रहे छेत्री ने कहा कि भारत के शीर्ष टीमों से भिड़ने की खबर एक प्रशंसक के तौर पर उन्हें उत्साहित करती है, लेकिन साथ ही उन्हें अपना समय भी याद आता है। उन्होंने कहा, ‘एक दर्शक के तौर पर मुझे थोड़ी ईर्ष्या होती है।

अपने 24-26 साल के पेशेवर करियर और करीब 20 साल के राष्ट्रीय टीम के सफर में मुझे ऐसा मौका कभी नहीं मिला।’ भारत को सितंबर में ब्राजील और उरुग्वे के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। छेत्री ने उम्मीद जताई कि टीम के खिलाड़ी फिट रहेंगे, पूरे जोश के साथ मैदान पर उतरेंगे और इस बड़े मौके का पूरा फायदा उठाएंगे। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से बिना किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ देने की भी अपील की। टीम में कुछ खिलाड़ियों के चयन और कुछ नामों को बाहर रखने के सवाल पर छेत्री ने कोच और उनके सहयोगी सदस्यों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि टीम की जरूरत को सबसे बेहतर तरीके से कोच ही समझ सकते हैं।

छेत्री ने कहा, ‘इसका जवाब कोच को देना है। अब मैं भी बाकी लोगों की तरह एक प्रशंसक हूं और टीम को देख रहा हूं।’ हाल ही में दोबारा अभ्यास शुरू करने वाले छेत्री ने मजाकिया अंदाज में राष्ट्रीय टीम में वापसी की किसी भी संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'मैंने सिर्फ 20 मिनट ट्रेनिंग की है। अब मैं करीब 42 साल का हूं। ठीक से दौड़ भी नहीं पाता और काफी मुश्किल हो रही है।' राष्ट्रीय टीम से दूर होने के बावजूद छेत्री को मौजूदा खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने टीम में मौजूद युवा प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अब उनका समय है। छेत्री ने कहा, ‘टीम में कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं। हर किसी को मौका मिलता है। मुझे भी करीब 20 साल पहले अपना मौका मिला था।’  

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