डेविस कप : नागल और सुरेश की हार से पिछड़ा भारत

डेविस कप क्वार्टर फाइनल की राह मुश्किल, पहले दिन नागल-सुरेश की हार से भारत 0-2 से पिछड़ा, अब नॉकआउट में पहुंचने के लिए अंतिम दिन तीनों मैच जीतना अनिवार्य
डेविस कप : नागल और सुरेश की हार से पिछड़ा भारत
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सियोल : भारत की डेविस कप के अंतिम आठ में पहुंचने की उम्मीदें उस समय धूमिल पड़ गईं जब दक्षिणेश्वर सुरेश और सुमित नागल अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहे और उन्हें शुक्रवार को यहां अपने एकल मैच गंवाने पड़े जिससे भारतीय टीम पहले दिन के बाद दक्षिण कोरिया से 0-2 से पीछे चल रही है। दक्षिणेश्वर ने अच्छी शुरूआत की लेकिन लय कायम नहीं रख सके और दक्षिण कोरिया के सून वू क्वोन ने उन्हें 3-6, 6-3, 6-4 से हरा दिया। भारत को वापसी दिलाने की जिम्मेदारी भारत के नंबर एक खिलाड़ी नागल पर थी, लेकिन उन्हें भी अच्छी शुरुआत के बावजूद तीन घंटे से अधिक चले मैच में अनुभवी ह्योन चुंग से 6-2, 4-6, 5-7 से हार का सामना करना पड़ा।

चुंग ने धैर्य दिखाया और सबसे महत्वपूर्ण समय पर अंक अर्जित किए। क्वोन ने अपने घरेलू मैदान पर डेविस कप का कोई भी मैच नहीं हारा है और यह सिलसिला जारी रहा। अब भारत को नॉकआउट चरण में पहुंचने के लिए अंतिम दिन के तीनों मैच जीतने होंगे, जो भारत के इतिहास में केवल दो बार हुआ है (2010 में घरेलू मैदान पर ब्राजील के खिलाफ और 2018 में चीन के खिलाफ उसकी धरती पर)। नागल ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपने फोरहैंड शॉट्स का अच्छा इस्तेमाल किया। इस बीच चुंग ने कई गलतियां की जिससे भारतीय खिलाड़ी को आसानी से अंक मिले। भारतीय खिलाड़ी ने पहले ही गेम में चुंग की सर्विस तोड़कर वैसी ही शुरुआत की जैसी उन्हें चाहिए थी।

कोरियाई खिलाड़ी ने नागल को दोहरा ब्रेक तब दिया जब उन्होंने बैकहैंड शॉट बाहर मार दिया। इस तरह से भारतीय खिलाड़ी ने देखते ही देखते 4-0 की बढ़त बना ली। चुंग ने छठे गेम में ब्रेक प्वाइंट लिया, लेकिन नागल को पहला सेट जीतने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। अपने प्रतिद्वंदी को परखने के बाद चुंग ने अपनी लय पकड़ ली और समझदारी से टेनिस खेलने लगे। वे दोनों तरफ लगातार मूव करते रहे और जब प्रतिद्वंदी बैकहैंड साइड पर फंस जाता तो वह नेट की ओर बढ़कर विनर्स लगाते। उन्होंने ड्रॉप शॉट्स का भी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। दूसरे सेट का सातवां गेम बेहद रोमांचक साबित हुआ, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने सात बार ड्यूस पॉइंट हासिल किए। चुंग ने लगातार दो बैकहैंड गलतियां कीं जिससे नागल ने गेम जीत लिया।

नागल ने अगले गेम में अपनी ही सर्विस गंवा दी, जिससे स्कोर 4-4 से बराबर हो गया। चुंग ने अगले दो गेम जीत कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। अंतिम सेट में शुरुआती ब्रेक के बाद नागल 1-3 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए सेट को बराबर कर दिया। एक सेट से बराबरी और 5-5 के स्कोर पर मुकाबला किसी का भी हो सकता था लेकिन आखिर में कोरियाई खिलाड़ी जीत हासिल करने में सफल रहा। पिछले साल पदार्पण के बाद से दक्षिणेश्वर को डेविस कप में अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा । शुक्रवार से पहले तक उन्होंने तीन एकल और एक युगल मुकाबला जीता था। दोनों देश अंतिम आठ में जगह बनाने वाली पहली एशियाई टीम बनने की कोशिश में हैं।

पहले सेट के बाद क्वोन ने अपनी रणनीति बदली लेकिन दक्षिणेश्वर इसका कोई जवाब नहीं दे पाये क्योंकि कोरियाई खिलाड़ी ने बाहर की ओर और उनके बैकहैंड की ओर सर्विस करना शुरू कर दिया। उनके दमदार रिटर्न की वजह से दक्षिणेश्वर मैच पर पहले की तरह हावी नहीं हो सके। दक्षिणेश्वर ने वॉली विनर के साथ पहला ब्रेक पॉइंट हासिल किया और जब क्वोन ने बैकहैंड शॉट नेट में मारा तो उन्होंने इसे भुनाते हुए बढ़त बना ली। भारतीय खिलाड़ी ने जल्दी ही 3-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद हालांकि क्वोन ने लय पकड़ना शुरू किया। दूसरे ‘डबल फॉल्ट’ पर चौथे गेम में वह 0.30 से पिछड़ गए लेकिन जल्दी ही बड़े सर्व से वापसी की। कभी-कभी ‘डबल फॉल्ट’ होने के बावजूद क्वोन ने लय बनाये रखी और 1-4 के स्कोर पर एक अहम गेम जीतकर पहला सेट बचाए रखा। इसके बाद सातवें गेम में उन्होंने दक्षिणेश्वर को 'ड्यूस' तक पहुँचाया जिन्होंने गेम जीतकर 5-2 की बढ़त बनाए रखी।

क्वोन ने कुछ ढीले शॉट का फायदा उठाया लेकिन बैकहैंड पर एक शॉट नेट में जाने और रिटर्न पर गलती से दक्षिणेश्वर को पहला सेट प्वाइंट मिला। क्वोन ने वॉली पर विनर लगाकर उसे बचाया। दक्षिणेश्वर ने ऐस लगाकर पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में क्वोन ने अच्छी वापसी की लेकिन दक्षिणेश्वर ने फोरहैंड पर विनर लगाकर 1-1 से बराबरी की। क्वोन ने आक्रामक सर्विस जारी रखी और चौथे गेम में दो ब्रेक प्वाइंट बनाये। दक्षिणेश्वर ने पहला ऐस लगाकर और दूसरा सिर के ऊपर से वॉली विनर लगाकर बचाया। आखिरकार क्वोन का दबाव काम आया और गेम 'ड्यूस' पर पहुंच गया। भारतीय खिलाड़ी ने एक शानदार बैकहैंड विनर के साथ एक ब्रेक पॉइंट बचाया, लेकिन क्वोन ने दूसरे मौके को बैकहैंड विनर में बदलकर 4-2 की बढ़त बना ली। क्वोन ने आठवें गेम में 10-0 की बढत बना ली और दक्षिणेश्वर का रिटर्न बाहर जाने पर दूसरा सेट अपने नाम कर लिया। तीसरे सेट में दक्षिणेश्वर दबाव में दिखे और क्वोन ने उनकी लय तोड़कर यह सेट और मैच जीत लिया।

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