Asian Games 2026 : दक्षिणेश्वर और बालाजी ने भारत की उम्मीद जीवंत रखी

डबल्स में दक्षिणेश्वर-बालाजी की रोमांचक जीत से भारत ने डेविस कप टाई में वापसी की उम्मीदें जगाईं, अब उलट एकल में सुमित नागल पर कोरिया के सूनवू क्वोन को हराने की बड़ी जिम्मेदारी
Asian Games 2026 : दक्षिणेश्वर और बालाजी ने भारत की उम्मीद जीवंत रखी
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सियोल : दक्षिणेश्वर सुरेश और श्रीराम बालाजी ने शनिवार को यहां युगल मुकाबले में उई-सुंग पार्क और जी-सुंग नाम को हराकर डेविस कप टेनिस टूर्नामेंट में दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत की जीत की उम्मीदों को जीवंत रखा। मुकाबला के पहले दिन शुक्रवार को दोनों एकल मैच गंवाने के कारण 0-2 से पिछड़ने के बाद भारत को कुछ अलग करने की जरूरत थी। उसने निकी पूनाचा की जगह दक्षिणेश्वर को बालाजी के साथ कोर्ट पर उतारा और उसका यह फैसला सही साबित हुआ। इन दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6-3, 3-6, 6-3 से जीत हासिल की। भारत ने इससे पहले केवल दो बार, 2010 और 2018 में, डेविस कप मुकाबले में 0-2 से पिछड़ने के बाद जीत हासिल की है।

यह कारनामा फिर से करने के लिए भारत को अब दोनों उलट एकल मैच जीतने होंगे। भारत के नंबर एक खिलाड़ी सुमित नागल पर सारा दायित्व है जिन्हें पहले उलट एकल मैच में कोरिया के शीर्ष के खिलाड़ी सूनवू क्वोन को हराना होगा। भारत ने पहले सेट में शुरू से ही अपने इरादे जतला दिए थे। भारतीय खिलाड़ियों ने कोरिया के खिलाड़ियों को लय हासिल नहीं करने दी। उन्होंने नाम की सर्विस पर बार-बार हमला किया और जोरदार रिटर्न और विनर्स लगाकर बढ़त बनाई। उन्होंने एक ही गेम में चार ब्रेक के मौके बनाए। बालाजी ने जोरदार रिटर्न मारकर पहला मौका बनाया, दक्षिणेश्वर ने विनर लगाकर दूसरा मौका हासिल किया और फिर अपने फोरहैंड रिटर्न से एक और मौका बना लिया।

कोरिया की टीम ने संघर्ष जारी रखा लेकिन बालाजी ने एक जोरदार वॉली शॉट लगाकर उनका प्रतिरोध तोड़ दिया। भारतीय जोड़ी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलना शुरू किया। बालाजी ने इसके बाद अपनी सर्विस पर पहला सेट भारत के नाम कर दिया। दूसरे सेट में दोनों टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी सर्विस को बचाते हुए आसानी से अंक गंवाने से परहेज किया। विशेष रूप से पार्क और दक्षिणेश्वर ने अपनी सर्विस पर मजबूत पकड़ बनाए रखी। लेकिन मैच का रुख बालाजी की सर्विस गेम पर आकर पलट गया। नाम के विनर ने भारतीय टीम पर दबाव बना दिया और बालाजी के एक खराब फोरहैंड रिटर्न ने कोरियाई टीम को दो ब्रेक का मौका दिया। कोरिया के खिलाड़ियों ने दूसरे मौके को भुनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद उन्होंने यह सेट जीतकर मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया।

तीसरे और निर्णायक सेट में दोनों जोड़ियों ने आक्रामक रवैया अपनाया। इस बीच दक्षिणेश्वर को अपनी सर्विस बचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा, वहीं पार्क भी दबाव में आ गए। भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि लगातार अपने प्रयास जारी रखे और आखिर में उन्हें सफलता भी मिल गई। भारत ने आठवें गेम में बिना कोई प्वाइंट गंवाए कोरिया की सर्विस तोड़ दी। दक्षिणेश्वर ने विजयी शॉट लगाकर बालाजी को मैच जीतने के लिए सर्विस करने का मौका दिया। कोरियाई टीम अभी हारी नहीं थी। बालाजी की सर्विस पर 30-30 की स्थिति थी। ऐसे में दक्षिणेश्वर में जोरदार शॉट लगाकर मैच प्वाइंट हासिल कर लिया। अगले प्वाइंट पर जब दोनों कोरियाई खिलाड़ी नेट की ओर बढ़ रहे थे, तब उन्होंने एक बार फिर शानदार शॉट लगाया और मैच जीत लिया।

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