

ग्लास्गो : भारतीय भाला फेंक सुपरस्टार नीरज चोपड़ा कठिन हालात में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके लेकिन उन्होंने रजत पदक जीता जबकि यशवीर सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों में शुक्रवार को आखिरी प्रयास में सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके कांस्य पदक अपने नाम किया। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन 28 वर्ष के नीरज ने दूसरे प्रयास में इस सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85.83 मीटर थ्रो फेंका जो दूसरे स्थान पर रहने के लिये काफी था। वह 19 जून को दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे थे।
राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार उतरे 24 बरस के यशवीर ने छठे और आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर थ्रो फेंककर सभी को चौंका दिया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83.72 मीटर था। वह पांचवें दौर के बाद 81.33 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से सातवें स्थान पर थे लेकिन उनका आखिरी प्रयास जबर्दस्त रहा। श्रीलंका के स्टार रूमेश थरंगा पथिरागे ने अपेक्षा के अनुरूप 89.75 मीटर फेंककर स्वर्ण पदक जीता। बेहद सर्दी और तेज हवाओं के प्रदर्शन उनका यह प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने जून में रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का थ्रो फेंका था।
चोपड़ा पिछले साल सितंबर से पीठ के निचले हिस्से में लगी चोट से उबरकर लौटे थे। इस चोट के कारण उनकी वापसी दोहा में आयोजित डायमंड लीग तक टल गई थी। वह दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे थे। इससे पहले उन्होंने 2018 में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने संकेत दिया कि वह अभी भी पूरी तरह से फिट नहीं हैं, लेकिन धीरे-धीरे उस ओर बढ़ रहे हैं। चोपड़ा ने बाद में कहा, ‘मैं यह नहीं कह सकता कि मेरी फिटनेस पहले जैसी है।
लेकिन धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। एशियाई खेलों में अभी समय है। उससे पहले मैं डायमंड लीग में प्रतिस्पर्धा करूंगा। धीरे-धीरे सुधार होगा।’ चोपड़ा ने कहा कि चोट से उबरने के बाद उनकी वापसी संतोषजनक रही है। उन्होंने कहा, ‘हम हमेशा चाहते हैं कि पदक वितरण समारोह हमें राष्ट्रगान बजे लेकिन मैंने इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और वापसी के बाद में अपने प्रदर्शन से खुश हूं। यहां काफी ठंड है। मैं इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा हूं। मुझे गर्म मौसम पसंद है। मेरे अंदर भारतीय खून है।’
यशवीर के लिए चोपड़ा के साथ पोडियम साझा करना सुखद क्षण था। उन्होंने कहा, ‘मुझे खुशी है कि मैं इन परिस्थितियों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सका और पदक जीतने में भी सफल रहा।’ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी रोहित यादव 81.56 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहे। दिलचस्प बात यह है कि भाला फेंक में पुरुषों के सभी पदक भारतीय उपमहाद्वीप के एथलीटों ने जीते। पाकिस्तान के गत चैम्पियन और मौजूदा ओलंपिक विजेता अरशद नदीम 77.41 के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीन दौर के बाद बाहर हो गए। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैम्पियन केशोर्न वालकॉट छठे स्थान पर रहे।
चोपड़ा ने 80.97 मीटर के थ्रो से शुरुआत की। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 85.83 मीटर का थ्रो किया, जो दिन का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो था। उनके तीसरे और चौथे प्रयास क्रमशः 81.29 मीटर और 80.73 मीटर के रहे, जबकि उनके आखिरी दो थ्रो फाउल थे। फाइनल में भाग ले रहे 12 खिलाड़ियों में चोपड़ा कुछ समय के लिए सबसे आगे रहे लेकिन पथिरागे ने अपने दूसरे प्रयास में भाला 89.75 मीटर तक फेंका। उन्होंने अंत तक अपनी बढ़त बनाए रखी। दिलचस्प बात यह है कि उनके बाकी पांचों प्रयास फाउल रहे।