शेनजेन : भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार पुरुष युगल जोड़ी ने शुक्रवार को डेनमार्क के किम एस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रासमुसेन के खिलाफ तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर चीन मास्टर्स सुपर 750 के सेमीफाइनल में जगह बना ली लेकिन अनुभवी किदांबी श्रीकांत का अभियान पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने 70 मिनट तक चले मुकाबले में 21-13, 16-21, 21-18 से जीत हासिल की। इससे मई में थाईलैंड ओपन सुपर 500 में रजत पदक और सिंगापुर ओपन सुपर 750 में खिताब जीतने के बाद उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा। अब सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना नूर मोहम्मद अजरिन और तान वी कियोंग की दुनिया की 29वें नंबर की मलेशियाई जोड़ी से होगा। सात्विक और चिराग ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत करते हुए 5-1 की बढ़त बना ली। उन्होंने लगातार शानदार विनर्स लगाकर रैलियों पर नियंत्रण बनाए रखा।
भारतीय जोड़ी ने अपनी आक्रामक लय बरकरार रखते हुए सात अंकों की बढ़त हासिल कर स्कोर 16-9 कर दिया और पहला गेम आसानी से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में डेनमार्क की जोड़ी ने अपने खेल में तेजी दिखायी और भारतीय खिलाड़ियों के हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया। स्कोर 15-15 से बराबर होने के बाद एस्ट्रुप और रासमुसेन ने लगातार दो मौकों पर तीन-तीन अंक जुटाकर छह अंकों की निर्णायक बढ़त बनाई और मुकाबले को तीसरे गेम तक पहुंचा दिया। फिर तीसरा गेम बेहद रोमांचक रहा और दोनों जोड़ियों ने एक-दूसरे को जरा भी बढ़त नहीं लेने दी। 17-17 के स्कोर पर मुकाबला पूरी तरह बराबरी पर था, लेकिन निर्णायक क्षणों में सात्विक और चिराग ने शानदार संयम दिखाया। उन्होंने लगातार तीन महत्वपूर्ण अंक जीतकर 20-17 की बढ़त बना ली। एक अंक गंवाने के बाद भी भारतीय जोड़ी ने धैर्य बनाए रखा और मैच अपने नाम कर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली।
दुनिया के पूर्व नंबर एक भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी श्रीकांत का सफर क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के ली चेक यियू से सीधे गेम में मिली हार से समाप्त हो गया। इस 33 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी को 39 मिनट तक चले मुकाबले में दुनिया के 25वें नंबर के खिलाड़ी ली चेक से 16-21, 16-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। श्रीकांत ने इस साल की शुरुआत में अमेरिकी ओपन सुपर 300 में उपविजेता रहते हुए फॉर्म में वापसी की झलक दिखाई थी। अब सेमीफाइनल में ली चेक का सामना फ्रांस के दूसरे नंबर पर काबिज क्रिस्टो पोपोव से होगा। श्रीकांत ने पिछले दौर में शानदार प्रदर्शन किया था, उन्होंने राउंड 16 में कनाडा के दुनिया के नौवें नंबर के खिलाड़ी विक्टर लाई को 21-18, 21-19 से हराया था। लेकिन ली चेक के खिलाफ उन्हें लंबे समय तक मुकाबले में वापसी के लिए संघर्ष करना पड़ा, खासकर तब जब पहले गेम के बीच में उन्होंने अपनी बढ़त और लय गंवा दी। श्रीकांत ने तेज शुरुआत करते हुए 3-0 की बढ़त बना ली, लेकिन ली चेक ने जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली।
हांगकांग के खिलाड़ी ने लगातार तीन अंक लेकर स्कोर 3-3 से बराबर किया और फिर छह अंकों की शानदार बढ़त बनाते हुए स्कोर 14-6 कर दिया। श्रीकांत ने वापसी की कोशिश की, लेकिन अंतर काफी बड़ा हो चुका था। ली चेक ने धैर्य बनाए रखा और पहला गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में मुकाबला काफी कड़ा रहा। श्रीकांत ने एक बार फिर आक्रामक शुरुआत करते हुए 4-0 की बढ़त बनाई, लेकिन ली चेक ने लगातार अंक हासिल कर स्कोर 4-4 से बराबर कर दिया। इसके बाद रैलियां लंबी होती गईं और दोनों खिलाड़ियों के बीच अंतर बेहद कम रहा। बढ़त कई बार बदली और दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देते हुए 15-15 तक पहुंच गए। जब ऐसा लगा कि श्रीकांत जीत के करीब पहुंच रहे हैं, तभी ली चेक ने अपनी गति बढ़ा दी। उन्होंने लगातार तीन अंक हासिल कर 18-15 की बढ़त बना ली और इसके बाद तीन और अंक लगातार जीतकर मुकाबला सीधे गेम में समाप्त कर दिया। तीस वर्षीय ली चेक ने मई में सिंगापुर ओपन में भी शानदार प्रदर्शन किया था जिसमें उन्होंने मुश्किल स्थिति से वापसी करते हुए ऑल इंग्लैंड चैंपियन लिन चुन-यी को हराया था।