चुनौतियों ने मुझे मुक्केबाजी से दोबारा प्यार करना सिखाया : लवलीना

लवलीना ने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर मुक्केबाजी के प्रति अपने प्यार को फिर से जगाया
चुनौतियों ने मुझे मुक्केबाजी से दोबारा प्यार करना सिखाया : लवलीना
Arun Sharma
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गुवाहाटी : स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने बुधवार को कहा कि 2024 ओलंपिक की निराशा के बाद मुक्केबाजी के प्रति अपने प्यार को फिर से तलाशने से उन्हें आत्मविश्वास हासिल करने में मदद मिली और इसका परिणाम हाल में जापान में संपन्न एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया। लवलीना ने महिला 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने कहा कि शुभचिंतकों के आशीर्वाद और समर्थन ने भी उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लवलीना ने गुवाहाटी में आयोजित सम्मान समारोह में कहा, ‘2024 ओलंपिक में हार के बाद मैं पूरी तरह टूट गई थी। मैं भूल गई थी कि मुझे मुक्केबाजी से कितना प्यार है। अब मैंने उस प्यार को फिर से तलाश लिया है और मैं अपने खेल का आनंद लेती हूं।’ इस 28 वर्षीय मुक्केबाज ने कहा कि उनका तत्काल लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप है जहां स्वर्ण और रजत पदक जीतने वाले मुक्केबाजों को ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफिकेशन मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उचित तैयारी के साथ वह अपने ओलंपिक पदक का रंग बदल सकती हैं।

उन्होंने 2020 ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और अब अगली बार स्वर्ण पदक हासिल करने की उम्मीद जताई। लवलीना ने कहा कि चोट के कारण वह एशियाई खेलों के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं कर पाई थीं लेकिन इसके बावजूद उन्हें अच्छे प्रदर्शन का भरोसा था। उन्होंने कहा, ‘मुकाबले कड़े थे। मुझे ज्यादा उम्मीद नहीं थी लेकिन मैं हर पल को जीना चाहती थी। मुझे मानसिक रूप से मजबूत रहना था और मुझे लगता है कि अपने प्रतिद्वंद्वियों से निपटने में मेरे अनुभव ने भी भूमिका निभाई।’  

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