

हरारे : भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच सुनील जोशी ने कहा कि लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने अपने ‘रन-अप’ में हल्का बदलाव किया है जिससे उन्हें हाल में इंग्लैंड के खिलाफ निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ अपनी लय वापस पाने में मदद मिली। बिश्नोई ने गुरुवार को पहले T-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में चार ओवर में 24 रन देकर एक विकेट लिया। यह प्रदर्शन इसी महीने मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ उनके चार ओवर में 60 रन बिना विकेट वाले प्रदर्शन से कहीं बेहतर रहा। इंग्लैंड के बल्लेबाज जैकब बेथेल ने ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए मुकाबले में बिश्नोई के एक ओवर में 29 रन बनाए थे। जोशी ने दूसरे T-20 अंतरराष्ट्रीय मैच की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘यह जीत हमारे लिए बेहद जरूरी थी और मुझे गेंदबाजों के प्रदर्शन से काफी खुशी है।
बिश्नोई ने अपनी गेंदबाजी एक्शन में कोई बदलाव नहीं किया है।’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने अपने ‘रन-अप’ को थोड़ा व्यवस्थित किया है। हमने स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले से भी इस बारे में चर्चा की। उनसे अच्छी बातचीत हुई।’ जोशी ने कहा कि हरफनमौला खिलाड़ी सूर्यांश शेडगे प्रतिभाशाली हैं और उन्हें टीम में अपनी जगह मजबूत करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘सूर्यांश भारतीय टीम में अपनी जगह बना रहे हैं। हार्दिक पांड्या ने अपनी जगह बनाई है। शिवम दुबे ने भी बनाई है। सूर्यांश उभरती हुई प्रतिभा हैं और हमें उनके साथ निरंतर बने रहना होगा।’ जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की T-20 सीरीज में नियमित गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल की अनुपस्थिति में जोशी यह जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
पूर्व भारतीय बाएं हाथ के स्पिनर जोशी ने तेज गेंदबाज मयंक यादव और अशोक शर्मा के प्रदर्शन की भी सराहना की। जोशी ने कहा, ‘बहुत खुशी की बात है कि मयंक चोट से उबरकर काफी मजबूत वापसी कर चुके हैं। उनकी लय शानदार रही है। अशोक ने भी श्रीलंका में भारत ए दौरे पर अपना प्रभावित किया।’ जब जोशी से पूछा गया कि अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और वैभव सूर्यवंशी को भविष्य में कामचलाऊ गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल करने की योजना है तो उन्होंने कहा, ‘तीनों अच्छे गेंदबाज और ऑलराउंडर हैं। अभिषेक ने अपनी गेंदबाजी में काफी सुधार किया है। कोच हमेशा चाहते हैं कि वह हर बार और बेहतर हों। हर्ष दुबे ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है।’ उन्होंने कहा, ‘तिलक वर्मा भी हमारे लिए एक अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प हैं। हम उनसे इस बात पर चर्चा करते हैं कि ज्यादा रन नहीं दें और अधिक डॉट गेंदें डालें।’