Asian Team Championships : भारतीय खिलाड़ियों के सामने कड़ी चुनौती

भारत ने पिछले सत्र में मलेशिया में अपना पहला महिला टीम स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा था लेकिन चोट के कारण सिंधु के हटने से उनकी पदक जीतने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है
Badminton
फाइल फोटो
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किंगदाओ : पीवी सिंधु के बिना कमजोर पड़ी भारतीय महिला टीम को यहां मंगलवार से शुरू हो रही बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में अपना खिताब बचाने में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। वहीं पुरुष टीम पोडियम पर जगह बनाने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों पर निर्भर रहेगी। भारत ने पिछले सत्र में मलेशिया में अपना पहला महिला टीम स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा था लेकिन चोट के कारण सिंधु के हटने से उनकी पदक जीतने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। सिंधु की गैरमौजूदगी में भारतीय अभियान की जिम्मेदारी तन्वी शर्मा की अगुवाई वाले खिलाड़ियों के युवा समूह पर होगी। तन्वी 2024 में चैंपियन टीम का हिस्सा थी लेकिन उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। इसके अगले दो साल में तन्वी गुवाहाटी में विश्व जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक और अमेरिकी ओपन सुपर 300 में फाइनल तक पहुंचकर महिला एकल में अगली बड़ी उम्मीद बनकर उभरी हैं।

एकल में जिम्मेदारी अब मालविका बंसोड़ और रक्षिता श्री संतोष रामराज पर भी होगी जबकि राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता गायत्री गोपीचंद और तृषा जॉली, प्रिया कोंजेंगबम, श्रुति मिश्रा और तनीषा क्रास्टो युगल में भारतीय चुनौती पेश करेंगी। भारत ग्रुप वाई में अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को म्यांमार के खिलाफ करेगा जबकि इसके बाद थाईलैंड से भिड़ेगा। भारतीय पुरुष टीम 2016 और 2020 की कांस्य पदक विजेता है और अनुभव तथा गहराई के मेल के साथ बेहतर स्थिति में दिख रही है। इस टीम में वही मुख्य खिलाड़ी हैं जिनकी मौजूदगी में टीम ने 2022 में थॉमस कप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था और अब उन पर अच्छा प्रदर्शन दोहराने की जिम्मेदारी होगी।

दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य सेन की अगुवाई वाली इस टीम में दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत और अनुभवी खिलाड़ी एचएस प्रणय भी शामिल हैं। ये तीनों विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता हैं। लक्ष्य अच्छी फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीता था और हांगकांग ओपन के फाइनल में पहुंचे थे। श्रीकांत भी मलेशिया मास्टर्स और सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय में फाइनल में पहुंचे थे लेकिन प्रणय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उभरते हुए युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने पिछले साल अमेरिकी ओपन सुपर 300 का खिताब जीता था। उन्होंने थारुन मन्नेपल्ली को भी एकल में जिम्मेदारी मिल सकती है।

युगल में दारोमदार एक बार फिर विश्व चैंपियनशिप की दो बार की कांस्य पदक विजेता जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पर होगा। इस जोड़ी ने मलेशिया ओपन और इंडिया ओपन में क्वार्टर फाइनल और राउंड ऑफ 16 में पहुंचकर सत्र की धीमी शुरुआत की थी। दुनिया की यह पूर्व नंबर एक जोड़ी सफलता का स्वाद चखने के लिए बेताब होगी। साई प्रतीक के, पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय और हरिहरन अमसाकरुणन अन्य युगल खिलाड़ी हैं। ग्रुप सी में शामिल भारतीय पुरुष टीम बुधवार को सिंगापुर के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी जिसके बाद जापान के खिलाफ एक और मुश्किल ग्रुप मैच होगा। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीम हर दो साल में होने वाले इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी।

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