अडकर-भोसले WTA टूर में पहुंचने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनीं

भारतीय जोड़ी पहला सेट आसानी से जीतने के बाद दूसरे सेट में लड़खड़ा गई
Chennai
सुपर टाई-ब्रेक में संयम बनाए रखा और जीत हासिल की
Published on: 

चेन्नै : भारत की वैष्णवी अडकर और रुतुजा भोसले ने WTA टूर स्तर के किसी टूर्नामेंट के युगल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनकर इतिहास रच दिया। उन्होंने शनिवार को यहां चेन्नई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के रोमांचक सेमीफाइनल में पोलैंड की वेरोनिका फाल्कोव्स्का और अमेरिका की अलाना स्मिथ की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी को 6-2 2-6 10-8 से हराया।

भारतीय जोड़ी पहला सेट आसानी से जीतने के बाद दूसरे सेट में लड़खड़ा गई लेकिन उन्होंने निर्णायक सुपर टाई-ब्रेक में संयम बनाए रखा और जीत हासिल की।

यह उपलब्धि भारतीय महिला टेनिस के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले किसी भी ऐसी जोड़ी ने WTA टूर स्तर के फाइनल में जगह नहीं बनाई थी जिसमें दोनों खिलाड़ी भारत की हो। शिखा ओबरॉय और उनकी बहन नेहा 2005 के सनफीस्ट ओपन और ग्वांगझू ओपन के फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन नेहा ने अमेरिका का प्रतिनिधित्व किया था। इस तरह से वह भारत और अमेरिका की जोड़ी बन गयी थी। पूर्व भारतीय खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने अपने शानदार करियर के दौरान 43 युगल खिताब जीते, लेकिन इन जीत में उन्होंने कभी भी किसी भारतीय खिलाड़ी के साथ जोड़ी नहीं बनायी।

अंकिता रैना और करमन थंडी ने 2018 में WTA 125 युगल खिताब जीता, जो मुख्य टूर से एक स्तर नीचे है। इसके अलावा प्रार्थना थोम्बारे ने नीदरलैंड की अपनी साथी एरियन हार्टोनो के साथ तीन WTA 125 फाइनल में जगह बनायी।


सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News