

सिलीगुड़ी : ''हिमाली किताब उत्सव 2026'' शहर की गुरुंग बस्ती स्थित भानु भक्त समिति भवन में शुक्रवार 9 अक्टूबर से शुरू हो गया। हिमालयन पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गिल्ड के बैनर तले, ''हाम्रो किताब घर'' व ''सैलेमैंडर इम्प्रिंट्स'' की खास पहल से इसका आयोजन किया गया है। इस उत्सव में बतौर मीडिया पार्टनर सन्मार्ग भी सहयोगी है। इस साहित्य उत्सव में पहले दिन शुक्रवार को की विशेष सत्र आयोजित हुए। उत्सव संयोजक छेवांग योंजन ने स्वागत वक्तव्य रखकर सभी का स्वागत किया। नेपाली साहित्य जगत के प्रतिष्ठित साहित्यकार ज्ञानेंद्र खतिवडा ने सूत्र वक्तव्य रखा। वहीं, संरक्षक अमृत सुब्बा ने वर्तमान समय में साहित्य एवं नेपाली भाषा की पुस्तकों के विविध पहलुओं को रेखांकित किया।
इस अवसर पर सिलीगुड़ी के जाने-माने साहित्य अध्येयता अधिवक्ता अत्रि देव शर्मा ने ''समाज और किताब'' विषय पर अपने बहुमूल्य विचार व्यक्त किए। वहीं, भानुभक्त समिति (सिलीगुड़ी) के महासचिव व नेपाली साहित्य जगत के प्रतिष्ठित साहित्यकार कृष्ण लामा ने भी उत्सव में आए लोगों को विशेष रूप में संबोधित किया। शहर के जाने-माने कंटेंट क्रिएटर राहुल सिन्हा ने ''अ बुक इनसाइड द माइंड'' विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए रचनाधर्मिता के विविध पहलुओं को रेखांकित किया।
इस अवसर पर ''किताब र समय'' विषय पर विशेष परिचर्चा गोष्ठी हुई। इसमें जाने-माने साहित्यकार मेघनाथ दहाल, सिलीगुड़ी के वरिष्ठ पत्रकार व लेखक इरफ़ान-ए-आज़म, एवं शिक्षक बासुदेव पुलामी ने अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए आज के समय और किताब विषय के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस परिचर्चा गोष्ठी का गोष्ठी का उत्कृष्ट संचालन वरिष्ठ पत्रकार व लेखक प्रवीण खालिंग ने किया।
इस उत्सव में लगे किताब मेला में पहले दिन लोगों की अच्छी भीड़ उमड़ी। लेखकों संग भेंट, परिचर्चा गोष्ठी, कविता पाठ, कहानी, नाटक, गजल, रुबाई, गीत, संगीत व चित्रकला आदि का खूब रंग जमा।इस उत्सव में उत्तर बंगाल व सिक्किम एवं नेपाल के कई जाने-माने प्रकाशक और किताब विक्रेता अपनी किताबों की बिक्री योग्य प्रदर्शनी संग भाग लिए हैं। उत्सव में सिलीगुड़ी सिक्किम, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, असम और नेपाल के लेखकों, कवियों और पाठकों का जमावड़ा लगा है। यह उत्सव अपने आयोजन के दूसरे व अंतिम दिन शनिवार को संपन्न होगा।
उत्सव के संयोजक जाने-माने पब्लिकेशन हाउस बुक-ऐंट के कर्णधार राजा पुनियानी कहा कि, राष्ट्रीय स्तर के कॉर्पोरेट पब्लिशिंग ग्रुप्स के दबदबे के बीच क्षेत्रीय पब्लिशिंग हाउस, क्षेत्रीय लेखकों व पाठकों के सामने आने वाली बढ़ती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह उत्सव सभी को एक साथ लाने और क्षेत्रीय सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल है। उन्होंने सभी साहित्य व पुस्तक प्रेमियों से इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की है।