

सिलीगुड़ी : प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की योजना के विरोध और आम उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की मांग को लेकर ‘इलेक्ट्रिसिटी स्टेकहोल्डर यूनिटी एंड प्रोटेक्शन’ संगठन ने गुरुवार को सिलीगुड़ी में ज्ञापन सौंपा। संगठन के सदस्यों ने दो माइल पावर हाउस स्थित डब्ल्यूबीएसईडीसीएल के दार्जिलिंग क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचकर क्षेत्रीय प्रबंधक को पांच सूत्री मांगों वाला ज्ञापन सौंपा।संगठन के दार्जिलिंग जिला संयोजक प्रदीप कुंडू ने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लागू करने से बिजली सेवा को धीरे-धीरे निजीकरण की ओर ले जाने की आशंका है। उनका दावा है कि इससे बिजली सेवा प्रभावित होने के साथ कर्मचारियों के रोजगार को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हो सकती है। संगठन ने जनहित में बिजली व्यवस्था को सरकारी नियंत्रण में बनाए रखने की मांग की है।ज्ञापन में आम उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और बिजली की दरों को आम लोगों की क्रय क्षमता के भीतर रखने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में पुनर्विचार, बिजली विभाग के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति और लंबे समय से अस्थायी या ठेका कर्मी के रूप में काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग भी रखी गई।संगठन का आरोप है कि स्थायी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव के बावजूद अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। संगठन ने उपभोक्ता हित और कर्मचारियों के अधिकारों के साथ बिजली सेवा को सरकारी नियंत्रण में बनाए रखने की मांग को लेकर आगे भी आवाज उठाने की बात कही है।