दुर्गा पूजा अनुदान पर नया पेंच, समितियां परेशान

अब पदाधिकारी के खाते में नहीं आएगी सरकारी राशि, कमिटी के अपने खाते की अनिवार्यता । कमिटी के अपने बैंक खाते में आएगा अनुदान PAN और बैंक डिटेल देना होगा अनिवार्य हजारों समितियों के सामने कागजी प्रक्रिया की चुनौती
दुर्गा पूजा अनुदान पर नया पेंच, समितियां परेशान
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सिलीगुड़ी : दुर्गापूजा की तैयारियों के बीच सरकारी अनुदान को लेकर नया नियम पूजा समितियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। इस बार अनुदान की राशि किसी पदाधिकारी के निजी बैंक खाते में नहीं, बल्कि पूजा समिति के अपने बैंक खाते में ही भेजी जाएगी। इसके लिए समिति के नाम पर बैंक खाता और पैन की जानकारी देना जरूरी किया गया है। बदलाव से उन छोटी और पुरानी पूजा समितियों की मुश्किल बढ़ गई है, जो अब तक किसी पदाधिकारी के व्यक्तिगत खाते के जरिए सरकारी अनुदान लेती थीं।

पिछले साल तक नियमों में कुछ छूट थी। समिति के नाम पर बैंक खाता या पैन नहीं होने की स्थिति में किसी पदाधिकारी का पैन नंबर और बैंक खाते की जानकारी देकर अनुदान लेने की सुविधा थी। इस बार यह व्यवस्था नहीं होगी। अब समिति के नाम से बैंक खाता होना जरूरी है।

नए नियम के तहत आवेदन के साथ समिति के बैंक खाते का कैंसिल चेक, पासबुक के पहले पन्ने की प्रति, पिछले वर्ष की पूजा की अनुमति, आय-व्यय का हिसाब और समिति के सदस्यों की सूची सहित कई दस्तावेज जमा करने होंगे। पूजा नजदीक होने के कारण समितियों के पास यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए सीमित समय है।सबसे ज्यादा परेशानी उन स्थानीय पूजा समितियों को हो रही है, जिनका वर्षों से पूजा आयोजन तो हो रहा है, लेकिन समिति के नाम पर बैंक खाता या पैन नहीं है। आयोजकों के सामने अब पहले खाता और पैन तैयार कराने और फिर संबंधित कागजात जमा करने की चुनौती है।

हालांकि, समिति के अपने खाते में अनुदान भेजने की व्यवस्था से सरकारी राशि के लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाने का उद्देश्य है। इससे राशि सीधे समिति के खाते में जाएगी और निजी बैंक खाते के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ेगी।इस साल राज्य सरकार की ओर से पूजा समितियों को एक लाख रुपये का सरकारी अनुदान देने की घोषणा की गई है। ऐसे में नए नियम के कारण कागजी प्रक्रिया पूरी करने को लेकर समितियों की चिंता बढ़ गई है।

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