सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी की सड़कों पर यदि आप निकल रहे हैं तो सतर्क रहें, समझदारी से सड़कों से गुजरे, क्योंकि आपकी थोड़ी भी लापरवाही आपको मौत के दहलीज पर ले जा सकती है | 18 फरवरी की रात को हुए हिड एंड रन का मामला अभी शांत नहीं हुआ है मामले की जांच जारी है | अब फिर से बीते सोमवार आलू चौधरी मोड़ पर भी एक हिड एंड रन की घटना घटित हुई | जिसमें एक युवती घायल हो गई | इस घटना ने फिर से लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर सख्त सजा की मांग की आवाज को तेज कर दिया है | शहर वासियों का कहना है हिड एंड रन मामले में कड़े कानून और भारी जुर्मना लागु करना अनिवार्य हो गया है, वरना इसी तरह से वाहन चालक सड़कों पर चलने वालों को रौंदते रहेंगे | हिड एंड रन में सख्त सजा की मांग करते लोग:
शहर की विभिन्न गली, मोड़ व व्यस्तम सड़कों पर सीसीटीवी कैमरें से निगरानी रखनी चाहिए और पब,बार को 11 बजे बाद बंद करना और कम उम्र के बच्चों के प्रवेश पर रोक लगा देना जरुरी है,यदि कोई नशे की हालत में तेज रफ्तार से वाहन चलाता है तो सख्त सजा और जुर्माना वसूलना चाहिए : मनीषा सरन
आधुनिक युग का असर कहीं ना कहीं बच्चों पर पड़ रहा है, अभिभावक और बच्चों के बीच सही तालमेल होने की जरूरत है | माता-पिता को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना चाहिए और इन मामलों में पुलिस को सख्त होने की जरूरत है ताकि कानून के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे: रमला प्रधान
वाहन चालकों के साथ नागरिकों की लापरवाही भी कुछ हद तक जिम्मेदार है,पैदल यात्रियों को फुटपाथ पर ही चलना चाहिए, क्योंकि कौन सी गाड़ी कब आकर टक्कर मार दे यह कहना मुश्किल है, सीसीटीवी, पुलिस की गश्ती और कड़े नियम कानून पर ध्यान दें तो इन मामलों में कमी आ सकती है: सरिता पांडे
इन मामलों में सख्त सजा देने की जरूरत है हिड एंड रन मामले में जितना हो सके सजा मौत का प्रावधान कर देना चाहिए, ताकि उन लोगों के लिए सबक बने जो नशे और लापरवाही की हालत में किसी को कुचल कर आगे बढ़ जाते हैं | कानून सख्त हुआ तो डर से लोग नियमों को नहीं तोड़ेंगे: कल्पना राई
सड़क दुर्घटनाओं में लगाम कसने के लिए पुलिस को शख्स होने की जरूरत है, ट्रैफिक पुलिस को चौकन्ना हो कर लोगों पर नजर बनाए रखना चाहिए, जो भी नशे की हालत में या लापरवाही से दुर्घटना को अंजाम देता है तो ऐसे लोगों पर जुर्माना के बजाय सजा देने का नियम बना देना ही उचित होगा : टीका छेत्री
बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग को मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे में सुधार, तकनीकी निगरानी और सख्त नियमों के माध्यम से प्रयास करना होगा। रात 9 बजे से 2 बजे तक शहर की कुछ सड़कों पर बेरीगेट और जांच करे तो सड़क दुर्घटना को रोक सकते है: मनोज ओझा