उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में कचरा प्रबंधन का संकट, अब नगर निगम से उम्मीद

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सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में लंबे समय से जमा कचरे को लेकर अब अस्पताल प्रबंधन सिलीगुड़ी नगर निगम की मदद लेने की तैयारी में है। नियमित रूप से कचरा नहीं उठाए जाने के कारण अस्पताल परिसर के खाली हिस्सों में अस्वास्थ्यकर स्थिति बन गई है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए अस्पताल प्रबंधन ने नगर निगम और एसजेडीए के साथ समन्वय कर नई व्यवस्था तैयार करने का फैसला किया है। इस मुद्दे को लेकर हाल ही में अस्पताल प्रबंधन, एसजेडीए और नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों के बीच बैठक हुई। उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुजय मिस्त्री ने बताया कि 18 सितंबर को होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में पूरी व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, अस्पताल परिसर में कचरा प्रबंधन के लिए सिलीगुड़ी महकमा परिषद की पहल पर शुरू की गई अधूरी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना भी सवालों के घेरे में है। काफी राशि खर्च कर मेडिकल कॉलेज की खाली जमीन पर परियोजना का काम शुरू किया गया था, लेकिन आज तक यह पूरी तरह चालू नहीं हो सकी। कई बार उद्घाटन की तारीख टलने के बाद अब परियोजना का बड़ा हिस्सा जंगल और झाड़ियों से ढक गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में परियोजना की पूरी जिम्मेदारी महकमा परिषद को उठानी थी। बाद में अस्पताल के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर संचालन की जिम्मेदारी सौंपने की योजना थी। हालांकि, कर्मचारियों की कमी के कारण अस्पताल प्रबंधन ने यह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। इसके अलावा परियोजना शुरू करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का काम भी पूरा नहीं हुआ। फिलहाल एसजेडीए की ओर से उपलब्ध कराए गए सफाई कर्मचारियों से भी पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर को साफ रखना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में नगर निगम के सहयोग से नई कचरा प्रबंधन व्यवस्था तैयार करने की कोशिश शुरू की जा रही है। अस्पताल प्रिंसिपल के मुताबिक, परिसर को कचरा मुक्त रखने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। वहीं, माटीगाड़ा क्षेत्र को नगर निगम के अधीन लाने की सरकारी पहल लागू होने पर पंचायत क्षेत्र से नगर निगम में शामिल होने के बाद कचरा प्रबंधन की समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद भी अस्पताल प्रबंधन जता रहा है।

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