

गंगटोक: सिक्किम के 28 अपर बर्तुक विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक जिम्मेदारी और ईमानदारी का एक अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है। क्षेत्र के निवासी ललित राई ने अपनी पत्नी कुमारी तामांग के नाम पर ‘सिक्किम आमा सशक्तीकरण योजना’ के तहत जारी किया गया चेक स्वेच्छा से वापस कर रांका प्रखंड विकास अधिकारी को सौंप दिया।
कुमारी तामांग वर्तमान में शहरी विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत दैनिक वेतन के आधार पर अस्थायी सरकारी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। योजना के निर्धारित मानदंडों और उनकी वर्तमान रोजगार स्थिति को ध्यान में रखते हुए परिवार ने यह निर्णय लिया कि इस सुविधा का लाभ किसी अन्य पात्र और जरूरतमंद महिला को मिलना चाहिए।
ललित राई का यह कदम सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने की भावना को दर्शाता है। चेक वापस कर उन्होंने सार्वजनिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इस संदर्भ में विधायक कला राई द्वारा पहले भी लोगों से अपील की गई थी कि सरकारी नौकरी या अन्य पात्रता के कारण यदि कोई परिवार ‘आमा सशक्तीकरण योजना’ के दोहरे लाभ की स्थिति में आता है, तो उसे योजना का लाभ स्वेच्छा से छोड़ देना चाहिए, ताकि यह सहायता वास्तविक जरूरतमंद माताओं तक पहुंच सके।
एक छोटे से ईमानदार निर्णय के माध्यम से ललित राई और उनके परिवार ने यह संदेश दिया है कि सामाजिक कल्याण की योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होता है, जब उनका लाभ सही मायने में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।