शराब बिक्री के विरोध में सड़क पर उतरे ग्रामीण व महिलाएं

विरोध रैली में शामिल महिलाएं
विरोध रैली में शामिल महिलाएं
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अलीपुरदुआर : अलीपुरदुआर जिले के विभिन्न हिस्सों में अवैध शराब तैयार कर बेचना व शराबों के अवैध कारोबार का मामला काफी बढ़ गया है। जिलें के बड़ेपुकुरिया आदिवासी गांव में अवैध शराब की खुलेआम बिक्री ने सामाजिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। चोलाई से लेकर बंगाली शराब, हाड़िया और यहां तक कि भूटान से लाई जा रही शराब की बिक्री गांव में धड़ल्ले से हो रही है। इसका सीधा असर गांव के पारिवारिक माहौल और आने वाली पीढ़ी पर पड़ रहा है। इसके खिलाफ स्थानीय लोग व महिलाएं सड़क पर उतरी और जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नशे की वजह से कई छात्र स्कूल जाना छोड़ चुके हैं। पढ़ाई से दूरी और गलत संगति के चलते बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पहले शामुकतला थाना पुलिस को लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की निष्क्रियता से नाराज होकर आखिरकार बड़ेपुकुरिया गांव के लोग खुद ही सड़कों पर उतर आए। सोमवार दोपहर गांव के महिला-पुरुष, छात्र-छात्राएं, युवक-युवतियां और यहां तक कि छोटे बच्चे भी एकजुट होकर शराब बिक्री के खिलाफ बैठक में शामिल हुए।


बैठक के बाद सभी ने मिलकर गांव में एक विशाल विरोध रैली निकाली। इस रैली में स्थानीय पंचायत सदस्य भी शामिल हुए, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिली। नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब किसी भी हालत में गांव में शराब की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिलाओं का कहना है कि नशे के कारण घरों में मारपीट और आर्थिक तंगी बढ़ रही है, जिससे बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि शामुकतला थाना क्षेत्र से महज छह किलोमीटर के भीतर खुलेआम शराब की बिक्री कैसे चल रही है और पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। आदिवासी समुदाय के इस शराब विरोधी आंदोलन ने शामुकतला थाना पुलिस की भूमिका को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि अवैध शराब की बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और गांव को नशामुक्त बनाया जाए।

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