

सिलीगुड़ी : फांसीदेवा कांड के विरुद्ध जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से गुरुवार को किए गए उत्तरकन्या अभियान के दौरान भारी बवाल मच गया। उक्त मंच के बैनर तले तीर धनुष लेकर आदिवासी समुदाय के सैकड़ों लोग गुरुवार दोपहर जलपाई मोड़ पर एकत्रित हो कर प्रतिवाद रैली निकालते हुए राज्य सरकार के मिनी सचिवालय उत्तरकन्या की ओर कूच किए। वहीं, दूसरी ओर, तीन बत्ती मोड़ पर पहले से ही बैरिकेडिंग कर तैनात भारी पुलिस बल ने उक्त विशाल रैली को आगे से बढ़ने से रोका। इसे लेकर प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। वहीं, प्रदर्शनकारियों में से अनेक उग्र हो गए। उन्होंने न सिर्फ बैरिकेड तोड़ डाला बल्कि पुलिस बल पर पथराव भी शुरू कर दिया। वहीं, टायर जला कर विरोध जताना शुरू किया।
इसके जवाब में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले दागे। उससे भी जब उग्र भीड़ नियंत्रित नहीं हुई तो पुलिस ने जल कमान छोड़ा। तब जा कर भीड़ तितर-बितर हुई व अफरा-तफरी मच गई। इसके साथ ही पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी ले लिया। पुलिस के इस बल प्रयोग के बाद ही परिस्थिति स्वाभाविक हुई। हालांकि, इसकी वजह से तीन बत्ती मोड़ पर मौके के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। घंटों लोगों को भीषण जाम की मुसीबत उठानी पड़ी। उक्त विरोध प्रदर्शन में फांसीदेवा के भाजपा विधायक दुर्गा मुर्मू भी सम्मिलित हुए।
उक्त अभियान का आह्वान करने वाले जनजाति सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय प्रभारी शरत चास्तवान ने कहा कि, फांसीदेवा थाना अंतर्गत झमकलाल गांव में गत 23 दिसंबर, 2025 को सात महीने की गर्भवती आदिवासी महिला पर मोहम्मद कादिर अली और उसके साथियों ने बेरहमी से हमला किया जब उसके परिवार ने अपनी पुश्तैनी आदिवासी ज़मीन के गैर-कानूनी ट्रांसफर और हड़पने का विरोध जताया था। उक्त हिंसा इतनी गंभीर थी कि 8 जनवरी, 2026 को समय से पहले ही डिलीवरी हो गई। गर्भवती मां पर हमले से नवजात बच्चे को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं, और सिर्फ तीन दिन बाद दुखद रूप से नवजात की मौत हो गई। दिसंबर 2025 में ही शिकायत दर्ज होने के बावजूद, फांसीदेवा थाना की पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, और बच्चे की मौत के बाद ही कुछ खास कदम उठाए। आज तक, सिर्फ़ एक आरोपित को गिरफ़्तार किया गया है, जिससे प्रशासनिक लापरवाही और अपराधियों को बचाने की संभावित कोशिशों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं। उसी के विरुद्ध जनजाति सुरक्षा मंच ने इस दिन उत्तरकन्या अभियान किया। उक्त पीड़िता को जब तक पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।