पहाड़ की राजनीति में टकराव नहीं, एकजुटता जरूरी: अनित थापा

अनित थापा
अनित थापा
Published on

कालिम्पोंग: भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (BGPM) की तिनधारे-महानदी समष्टि की संगठनात्मक सभा में पार्टी के सेंट्रल प्रेसिडेंट अनित थापा ने कार्यकर्ताओं से लोगों की आवाज़ बनने और व्यावहारिक एवं रचनात्मक राजनीति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। सभा को संबोधित करते हुए थापा ने कहा कि पहाड़ों में आज लोगों की आवाज़ कमजोर हुई है और BGPM को उनकी आवाज़ बनकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी विचारधारा को मजबूत रखते हुए “कंस्ट्रक्टिव और प्रैक्टिकल पॉलिटिक्स” की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों में पार्टी को फिर से मजबूती के साथ खड़ा करने की अपील की। अनित थापा ने कहा कि गोरखा जाति से जुड़े मुद्दे BGPM की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में पार्टी BJP के सांसदों और विधायकों से मुलाकात कर गोरखा समुदाय के मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए एक ज्ञापन सौंपने की पहल करेगी। थापा ने स्पष्ट किया कि BGPM की विचारधारा BJP से अलग है, लेकिन गोरखा मुद्दे को राज्य से केंद्र तक पहुंचाने में BJP के सांसदों और विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी बोले थापा

विधानसभा और पंचायत प्रतिनिधियों के पार्टी छोड़ने पर अनित थापा ने कहा कि BGPM विचारधारा आधारित पार्टी है और नेताओं के आने-जाने से पार्टी के मूल मुद्दे प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गोरखा जाति के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। थापा ने कहा कि पिछले चुनाव में जनता ने गोरखालैंड को रीजनलिज्म से बड़ा मुद्दा माना, जिसके सम्मान में उन्होंने GTA की कुर्सी छोड़ी। उन्होंने पहाड़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप से बचने और गोरखाओं की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति गुस्से से नहीं, बल्कि धैर्य और विवेक से होनी चाहिए। साथ ही कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत कर आगामी चुनावों की तैयारी में जुटने का आह्वान किया।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in