आग में ढाई हेक्टेयर चाय बागान जलकर खाक

आग बुझाते दमकल कर्मी
आग बुझाते दमकल कर्मी
Published on

नागराकाटा: रेड बैंक चाय बागान में मानो विपत्ति का अंत ही नहीं हो रहा है। बीते नवंबर महीने से बागान पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। घर-घर में भुखमरी और अभाव ने विकराल रूप ले लिया है। इसी बीच रविवार दोपहर आग लगने की एक और बड़ी घटना सामने आई, जिसमें लगभग ढाई हेक्टेयर क्षेत्र में फैले चाय के पौधे जलकर पूरी तरह राख हो गए। घटना रविवार दोपहर की है। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। धूपगुड़ी से दमकल विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बागान के 11 नंबर सेक्शन में आग लगी थी।

यह स्थान डायरेक्टर्स बंगले के ठीक सामने स्थित है। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले आग को देखा और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश भी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई। दमकल की गाड़ी के पहुंचने से पहले ही करीब ढाई हेक्टेयर क्षेत्र में फैले चाय के पौधे पूरी तरह जल चुके थे। आग लगने वाला इलाका अनुमानित रूप से लगभग चार हेक्टेयर का है, हालांकि बीच-बीच में कुछ खाली जमीन भी है।बागान के एक वरिष्ठ कर्मचारी सुशील पाल ने बताया कि आग कैसे लगी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। वर्तमान में मौसम शुष्क होने के कारण आग तेजी से फैल गई।

गौरतलब है कि रेड बैंक चाय बागान का कुल क्षेत्रफल 462 हेक्टेयर है। इससे पहले यह बागान लगातार 22 वर्षों तक बंद रहा था। उस दौरान भुखमरी से श्रमिकों की मौत के आरोप भी लगे थे। अगस्त 2022 में बागान दोबारा खुला, जिससे श्रमिकों के मन में नई उम्मीद जगी थी। लेकिन 2025 में दुर्गा पूजा के बाद फिर से बागान बंद हो गया। वर्तमान में बागान में कोई भी प्रबंधक मौजूद नहीं है। ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में श्रमिक रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने लगे हैं। शुष्क मौसम के कारण उत्पादन बंद है, जिससे आसपास के चालू चाय बागानों में भी अस्थायी काम नहीं मिल पा रहा है। नतीजतन, इलाके में भुखमरी और संकट और गहराता जा रहा है। आरोप है कि अब कोई भी राजनीतिक नेता या जनप्रतिनिधि वहां झांकने तक नहीं आ रहा।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in