

कालिम्पोंग: अमर शहीद सी.के. प्रधान की 23वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 3 अक्टूबर 2002 को कलिम्पोंग के ओंगदेन रोड पर उनकी हत्या कर दी गई थी। गोरखा आंदोलन के दौर में सी.के. प्रधान एक निर्भीक जननेता, DGHC के कार्यकारी पार्षद और आंदोलन के सक्रिय व भरोसेमंद साथी के रूप में पहचाने जाते थे। उन्हें ‘कालिम्पोंग के टाइगर’ के नाम से भी जाना जाता था। समर्थकों के अनुसार, उन्होंने गोरखा समुदाय के लिए एक नए राजनीतिक रास्ते का सपना देखा था। उनकी शहादत के बाद GNLF (C) का गठन हुआ। GTA सभासद पालदेन तामांग सहित अन्य लोगों ने उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की।