जलपाईगुड़ी: उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ऐतिहासिक हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य पूरा कर लिया है। आधुनिक सुविधाओं के साथ स्टेशन की ऐतिहासिक पहचान को भी संरक्षित रखा गया है। रेलवे का मानना है कि इस परियोजना से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और भारत-बांग्लादेश रेल संपर्क के साथ-साथ उत्तर बंगाल की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। वर्ष 1878 में स्थापित हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन उत्तर बंगाल के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों में से एक है। वर्ष 2020 में हल्दीबाड़ी-चिलाहाटी अंतरराष्ट्रीय रेल संपर्क दोबारा शुरू होने के बाद इस स्टेशन का महत्व और बढ़ गया। इसी को ध्यान में रखते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत इसके आधुनिकीकरण का कार्य किया गया। उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि पुनर्विकास का कार्य इस वर्ष मार्च में पूरा कर लिया गया।
परियोजना के तहत स्टेशन भवन और यात्री प्रतीक्षालय का नवीनीकरण किया गया है। इसके अलावा आधुनिक शौचालय, 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवरब्रिज, प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त शेड, ग्रेनाइट एवं कोटा स्टोन से प्लेटफॉर्म का विकास, दो लिफ्ट, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, विस्तृत पार्किंग, नया सर्कुलेटिंग एरिया, लैंडस्केपिंग तथा ग्राफिटी कला के माध्यम से स्टेशन की सुंदरता बढ़ाई गई है। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए रैंप, टैक्टाइल पथ, दिव्यांग-अनुकूल शौचालय, आधुनिक संकेतक और उन्नत यात्री सूचना प्रणाली भी स्थापित की गई है।
डीआरएम वीरेंद्र कुमार ने हल्दीबाड़ी स्टेशन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया
कटिहार मंडल के मंडल रेल प्रबंधक वीरेंद्र कुमार ने मंगलवार को हल्दीबाड़ी स्टेशन पहुंचकर पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम, अपर्याप्त पार्किंग, जलभराव और जर्जर बुनियादी ढांचे जैसी समस्याओं का समाधान किया गया है। साथ ही स्टेशन की सुरक्षा और दूरसंचार व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि आधुनिकीकृत हल्दीबाड़ी स्टेशन पर्यटन, व्यापार और सीमावर्ती क्षेत्रों की संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अलावा 'वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट' पहल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को भी नया बाजार मिलेगा। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे अपने अधिकार क्षेत्र के 92 स्टेशनों के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ा रहा है।