हिरण शिकार में तीन दोषियों को 5 साल की सजा

हिरण शिकार मामले के तीन दोषी
हिरण शिकार मामले के तीन दोषी
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अलीपुरदुआर: बक्सा टाइगर रिजर्व (पूर्व) प्रभाग में वन्यजीव अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। हिरण के अवैध शिकार और उसका मांस पकाने के मामले में अलीपुरदुआर सीजेएम अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त छह महीने की सजा भुगतनी होगी। दोषी पाए गए आरोपियों की पहचान कुशल किस्पोट्टा, अनिल टोप्पो और एफ्रेम मिंज के रूप में हुई है। वन विभाग के अनुसार, 4 मई 2025 को बक्सा टाइगर रिजर्व के नॉर्थ रायडाक रेंज अंतर्गत रायडाक चाय बागान क्षेत्र में अभियान चलाकर तीनों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने संरक्षित प्रजाति बार्किंग डियर का शिकार किया था और उसका मांस पकाया जा रहा था। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है। मामले की जांच नॉर्थ रायडाक रेंज के रेंज ऑफिसर श्यामल मंडल ने की। वन विभाग की ओर से मजबूत साक्ष्य अदालत में पेश किए जाने के बाद करीब एक साल से अधिक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह फैसला आया। वन विभाग ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय वन्यजीव अपराधों में शामिल लोगों के लिए कड़ा संदेश है और संरक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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