नागराकाटा : चुनावी माहौल के बीच बानरहाट स्थित न्यू डुआर्स चाय बागान क्षेत्र में एक बार फिर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लंबे समय से बकाया मजदूरी नहीं मिलने के कारण चाय बागान के श्रमिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि केंद्र सरकार के अधीन इस चाय बागान में लगातार आठ सप्ताह से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके चलते श्रमिक परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।इसी के विरोध में मंगलवार सुबह से ही श्रमिकों ने बागान परिसर के भीतर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने बताया कि केवल मजदूरी ही नहीं, बल्कि अन्य कई मदों में भी भुगतान लंबित है। उनका कहना है कि भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी समेत विभिन्न सुविधाएं लंबे समय से बकाया हैं। इधर, चुनाभट्टी चाय बागान में भी बकाया मजदूरी को लेकर श्रमिकों ने कुछ समय के लिए धरना एवं विरोध-प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे बुधवार से बड़े आंदोलन में उतरेंगे। महिला श्रमिक मालती कुजूर और सुनीता लाकड़ा ने बताया कि पिछले आठ पखवाड़ों की मजदूरी बकाया है।
उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में हम अपने बच्चों का पालन-पोषण कैसे करें और घर कैसे चलाएं? मजबूरी में हमें धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि श्रमिकों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। चाय बागान के कर्मचारी अमित हेमरोम ने कहा कि श्रमिकों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। उन्होंने कहा, “मजदूरी के बिना श्रमिक कैसे काम करेंगे और अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे? भूखे पेट कब तक काम किया जा सकता है?” उन्होंने बताया कि मजदूरी की मांग को लेकर प्रतिदिन दो घंटे धरना देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन महिला श्रमिकों ने पूरे दिन धरना-प्रदर्शन किया। इस मुद्दे पर नागराकाटा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी पूना भेंगरा ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बीते 15 वर्षों में कई चाय बागान बंद हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज तक श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी नहीं दी गई है और न ही उन्हें भूमि स्वामित्व का अधिकार मिला है। उन्होंने कहा कि वे मौके पर जाकर श्रमिकों से बातचीत करेंगे और प्रबंधन से भी मिलेंगे।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी संजय कुजूर ने बताया कि उन्हें पार्टी की यूनिट कमेटी से इस मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि संबंधित चाय बागान केंद्र सरकार के अधीन है और यदि केंद्र की नीतियां सकारात्मक होतीं, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह केवल झूठी बातें और धर्म के नाम पर राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि वे अगले दिन वहां पहुंचकर श्रमिकों और चाय बागान प्रबंधन से बातचीत करेंगे।