कालचीनी : डुआर्स, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरित वनांचल और बदलते ऋतुओं के रंगों के लिए जाना जाता है, अब सिनेमा और फैशन की दुनिया में भी एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। डुआर्स क्षेत्र में पहली बार एक फैशन फीचर फ़िल्म का निर्माण हो रहा है, जिसकी शूटिंग इन दिनों अलीपुरदुआर ज़िले और डुआर्स के विभिन्न इलाकों में चल रही है। यह फ़िल्म केवल फैशन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि डुआर्स की प्रकृति, संस्कृति और यहां की प्रतिभाओं का एक जीवंत कैनवास है। इस अनोखी पहल के पीछे क्षेत्र के ही दो युवा फैशन डिज़ाइनर और एक निर्देशक हैं, जो स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहे हैं। डुआर्स का मतलब ही है प्रकृति का खुला आंचल। कहीं पहाड़ों की गोद में फैली हरियाली, कहीं चाय बागानों की लहराती पंक्तियां, तो कहीं नदियों और जंगलों का अद्भुत मेल।
हर मौसम में यहां की प्रकृति नया रूप धरती है। यही वजह है कि डुआर्स के कई ऐसे स्थान हैं, जो किसी चित्रकार की कल्पना से कम नहीं लगते। इन्हीं मनोहारी लोकेशनों को इस फैशन फ़िल्म का बैकड्रॉप बनाया गया है। इस फ़िल्म की एक खास बात यह भी है कि इसमें काम कर रहे मॉडल, कलाकार और तकनीकी टीम के अधिकांश सदस्य स्थानीय हैं। यहां के युवक-युवतियां इस फ़िल्म में मॉडलिंग कर रहे हैं, साथ ही कुछ छोटे मॉडलों को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को पहचान मिल रही है, बल्कि डुआर्स की रचनात्मक ऊर्जा भी सामने आ रही है। फ़िल्म के निर्माता और निर्देशक कबीर चक्रवर्ती ने कहा कि,“हमने एक नया काम हाथ में लिया है। जितना जानते हैं, उतना ही ईमानदारी से करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि दर्शकों को कुछ नया और सुंदर देखने को मिले।” जानकारी के अनुसार, यह फैशन फीचर फ़िल्म 2027 में रिलीज़ की जाएगी।