कालचीनी : अलीपुरदुआर जिले के कालचीनी ब्लॉक में एसआईआर से जुड़ी हियरिंग प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हियरिंग में शामिल होने पहुंचीं 76 वर्षीय वृद्धा आसिरन बेवा ने प्रशासनिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा जाहिर की है। वह कालचीनी ब्लॉक के सांताली ग्राम पंचायत अंतर्गत हासीमारा इलाके की निवासी हैं। आसिरन बेवा का कहना है कि वह लंबे समय से शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं। चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है, इसके बावजूद उन्हें बार-बार कालचीनी बीडीओ कार्यालय में हियरिंग के लिए बुलाया जा रहा है। उन्होंने बताया, “मैं ठीक से चल भी नहीं पाती। फिर भी दो बार ऑफिस आना पड़ा। दोनों बार आने में बहुत दिक्कत होती है, लेकिन किसी ने मेरी हालत को नहीं समझा।” उनका आरोप है कि उम्र और बीमारी के बावजूद उन्हें किसी तरह की विशेष सुविधा या सहानुभूति नहीं दी गई। इस घटना को लेकर इलाके में नाराजगी का माहौल है।
मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने चुनाव आयोग की भूमिका पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। तृणमूल के सताली आंचल अध्यक्ष कैलाश छेत्री ने कहा कि एसआईआर हियरिंग के नाम पर विशेष रूप से बुजुर्ग और बीमार लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग शारीरिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए घर पर ही हियरिंग की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई लोगों को दो-दो और तीन-तीन बार कार्यालय बुलाया जा रहा है, जिससे उन्हें बार-बार यात्रा खर्च उठाना पड़ रहा है। इससे आम और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। तृणमूल नेताओं का दावा है कि इस वजह से इलाके में डर और असमंजस का माहौल बन गया है। घटना को लेकर प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और बुजुर्गों के साथ हो रही कथित परेशानियों को तुरंत बंद करने की मांग की गई है।