अलीपुरदुआर: बागानों से शुरू हुईं पांच नई स्कूल बस सेवाएं, इस शिशु साथी योजना के शुरू होने से जहां स्थानीय लोगों में ख़ुशी है तो वहीं भाजपा द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि, सामने चुनाव है और चुनाव से पहले हर बार ऐसा कुछ देखने को मिलता है, लेकिन आगे जाकर बंद कर दिया जाता है। इस विषय पर भाजपा चाय बागान श्रमिक संगठन के केंद्रीय नेता राजेश बारला ने कहा इस सरकार ने ऐसे काफी सारी परियोजनाओं को चालू किया, जो सिर्फ चुनाव तक सीमित रहता और चुनाव के बाद बंद हो जाता है।वहीं दूसरी ओर शिशु साथी परियोजना शरू होने से बच्चों के अभिभावक ज्यादा खुश है | इस परियोजना से जिले के चाय बागान और दुर्गम इलाकों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की राह अब पहले से कहीं अधिक सुगम हो गई है। पश्चिम बंगाल सरकारके श्रम विभाग के द्वारा ‘शिशु साथी’ योजना के अंतर्गत पांच नई स्कूल बस सेवाओं की शुरुआत कर दी गई। इस पहल को स्थानीय लोग शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक कदम मान रहे हैं। मालूम हो कि अलीपुरदुआर जिले के चाय बागानों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल तक पहुंचना वर्षों से एक गंभीर समस्या रही है। कच्ची और जर्जर सड़कें, लंबी दूरी, बरसात के मौसम में आवागमन की कठिनाइयां और सुरक्षित परिवहन की कमी के कारण कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते थे। कई बार इस मुद्दे को लेकर आंदोलन हुए, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने प्रशासन के समक्ष ज्ञापन भी सौंपे, लेकिन स्थायी समाधान का अभाव बना रहा।
हाल ही में अलीपुरदुआर जिला दौरे के दौरान सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंच से ही चाय बागान क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए जल्द स्कूल बस सेवा शुरू करने का जिक्र किया था। इधर सोमवार से अलीपुरदुआर जिले के टेकलापाड़ा चाय बागान, लंकापाड़ा चाय बागान, मुजनाई चाय बागान, सेंट्रल डुआर्स चाय बागान और टोटोपाड़ा क्षेत्र इन पांच महत्वपूर्ण इलाकों से स्कूल बस सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। ‘शिशु साथी’ योजना के अंतर्गत शुरू हुई इन बस सेवाओं से चाय श्रमिक परिवारों के बच्चों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अब वे सुरक्षित, समय पर और नियमित रूप से स्कूल आ-जा सकेंगे। इससे न केवल विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि ड्रॉपआउट की समस्या पर भी लगाम लगेगी। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जो चिंता हमेशा बनी रहती थी, वह अब काफी हद तक दूर हो गई है। स्कूल बस सेवा शुरू होते ही चाय बागान इलाकों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी सभा के तुरंत बाद इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय तृणमूल नेतृत्व इसे प्रशासनिक तत्परता और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण मान रहे हैं। हालांकि भाजपा ने इस पर भी कटाक्ष किया है कि आखिरकार यह परीसेवा सुचारू रूप से कितने दिनों तक चलेगी। सोमवार को अलीपुरद्वार जिले के कालचीनी ब्लॉक से भी समझ के माध्यम से बस का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर समाजसेवी के रूप में स्थानीय तृणमूल नेतृत्व एवं तृणमूल के ब्लॉक अध्यक्ष पेमा लामा उपस्थित है।