अलीपुरदुआर: कड़ाके की ठंड को दरकिनार करते हुए अलीपुरदुआर जिला प्रशासनिक भवन से सटे डुआर्स कन्या भवन के सामने मादारीहाट ब्लॉक के मेरिको कंपनी के अंतर्गत आने वाले विभिन्न चाय बागानों के श्रमिकों ने रातभर धरना आंदोलन जारी रखा। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला श्रमिकों की भागीदारी ने इसे और अधिक तीव्र और भावनात्मक रूप दे दिया है। सोमवार से शुरू हुआ यह आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है और श्रमिकों ने साफ कर दिया है कि जब तक बकाया वेतन नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन के दौरान देर रात को एक महिला श्रमिक अचानक अस्वस्थ हो गईं, जिन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया। बावजूद इसके, अन्य महिला श्रमिकों ने ठंड, भूख और शारीरिक कष्ट की परवाह किए बिना आंदोलन जारी रखा। श्रमिकों का आरोप है कि पिछले पांच महीनों से उन्हें एक रुपये का भी वेतन नहीं मिला, जिसके चलते उनका और उनके परिवारों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जानकारी के अनुसार, मादारीहाट ब्लॉक के बीरपाड़ा, तुलसीपाड़ा, लंकापाड़ा, गेरर्गेंडा, हंटापाड़ा, धुमचीपाड़ा और बांदापानी चाय बागानों में कार्यरत सैकड़ों श्रमिक लगातार पांच महीने से वेतन से वंचित हैं। घर चलाना, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना उनके लिए असंभव होता जा रहा है।
कई बार बागान प्रबंधन और प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उल्लेखनीय है कि इसी मांग को लेकर 29 दिसंबर को भी श्रमिकों ने प्रशासनिक भवन के सामने धरना दिया था। उस दिन भी कड़ाके की ठंड में देर रात तक प्रदर्शन जारी रहा। हालात को संभालने के लिए श्रम विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शीघ्र बैठक का आश्वासन दिया, जिसके बाद श्रमिकों ने अस्थायी रूप से धरना वापस ले लिया था। लेकिन तय दिन पर उस बैठक में बागान मालिक पक्ष के अनुपस्थित रहने से पूरा मामला अधर में लटक गया। इससे श्रमिकों में भारी रोष और निराशा फैल गई। मानसिक तनाव और लंबे समय से वेतन न मिलने की पीड़ा के चलते महाकाल उरांव नामक एक श्रमिक ने डुआर्स कन्या भवन की पांचवीं मंजिल से कूदने की कोशिश की। वह तुलसीपाड़ा चाय बागान का निवासी है। हालांकि, अन्य श्रमिकों की तत्परता से उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस घटना के बाद प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए श्रमिकों ने दोबारा डुआर्स कन्या भवन के सामने रातभर धरना शुरू कर दिया। श्रमिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द बकाया वेतन का भुगतान नहीं हुआ, तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। मौजूदा स्थिति को देखते हुए श्रमिकों ने प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप और ठोस कदम उठाने की मांग की है।