नागराकाटा: धूपगुड़ी शहर में रविवार देर रात हुए भीषण अग्निकांड से इलाके में हड़कंप मच गया। व्यवसायियों के एक वर्ग का आरोप है कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि साजिशन आगजनी की घटना है। देर रात शहर के सुपर मार्केट परिसर में लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। उल्लेखनीय है कि इसी सुपर मार्केट परिसर में महकुमा शासक का कार्यालय भी स्थित है। कार्यालय से सटे क्षेत्र में आग लगने की खबर से पूरे धूपगुड़ी शहर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने देर रात सुपर मार्केट के विभिन्न हिस्सों से आग की ऊंची लपटें उठती देखीं। प्रारंभ में दो दुकानों में आग लगी, लेकिन कुछ ही पलों में आग फैलकर करीब 10 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में तीन कपड़े की दुकानें और एक आलू बीज की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गईं। इसके अलावा एक होटल का कुछ हिस्सा भी आग की चपेट में आ गया। विशेष रूप से मुर्गी बिक्री केंद्र के सामने स्थित दुकानें सबसे अधिक क्षतिग्रस्त हुई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय व्यापारी और निवासी घटनास्थल पर पहुंचे। तत्काल धूपगुड़ी थाना पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकल कर्मियों के साथ-साथ स्थानीय लोग और व्यापारी भी आग बुझाने में जुटे रहे। इस भीषण आग से इलाके के लोगों की रात की नींद उड़ गई। पीड़ित व्यापारियों का दावा है कि इस घटना में लगभग 15 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सोमवार सुबह अग्निकांड से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने धूपगुड़ी की महकुमा शासक श्रद्धा सुब्बा, धूपगुड़ी नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, धूपगुड़ी थाना के आईसी अनिंद्य भट्टाचार्य सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
बीज दुकान के मालिक रघु भौमिक ने बताया कि उनकी दुकान में लगभग 2 से 3 लाख रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया है। उन्होंने दावा किया,
“तीन अलग-अलग जगहों पर आग लगी है। आग के स्वरूप को देखकर साफ समझ में आता है कि आग जानबूझकर लगाई गई है।”
इस संबंध में महकुमा शासक श्रद्धा सुब्बा ने कहा, हमने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। प्राथमिक तौर पर पीड़ितों को कुछ राहत सहायता दी गई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। भविष्य में रात के समय सुपर मार्केट क्षेत्र में निगरानी और कड़ी की जाएगी।