146 वर्ष की विरासत को समर्पित रहा ‘सुकना स्टेशन महोत्सव’

डीएचआर ने ऐतिहासिक भवनों, भाप इंजन और विरासत को किया सम्मानित
146 वर्ष की विरासत को समर्पित रहा ‘सुकना स्टेशन महोत्सव’
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कर्सियांग : यूनेस्को विश्व धरोहर दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) की ऐतिहासिक विरासत को समर्पित ‘सुकना स्टेशन महोत्सव’ शनिवार को सुकना स्टेशन पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) के महाप्रबंधक चेतन श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ रेलवे अधिकारी एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इस दौरान डीएचआर के ऐतिहासिक विरासत भवनों के 146 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया।

महोत्सव के दौरान एनएफआर के महाप्रबंधक चेतन श्रीवास्तव ने नवनिर्मित एवं पुनर्निर्मित सुकना संग्रहालय का उद्घाटन किया। संग्रहालय में डीएचआर के इतिहास, पहाड़ी रेलवे के संचालन तथा इसकी समृद्ध विरासत को संरक्षित कर प्रदर्शित किया गया है। इस अवसर पर ‘डीएचआर वॉल्यूम-1 : हेरिटेज एंड हिस्ट्री-डीएचआर कलेक्टर्स एडिशन’ पुस्तक का भी विमोचन किया गया।

कार्यक्रम में नारायणा स्कूल, सिलीगुड़ी, टेक्नो इंडिया ग्रुप पब्लिक स्कूल और सुकना स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों के लिए निबंध एवं चित्रांकन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रत्येक श्रेणी के प्रथम तीन विजेताओं को डीएचआर की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

प्रसिद्ध कलाकार अजय सरकार ने लाइव नेल आर्ट का विशेष प्रदर्शन किया, जिसे बाद में सुकना के स्टेशन मास्टर तपन मालाकार को औपचारिक रूप से सौंपा गया।

तिनधरिया में 125 वर्ष पुराने भाप इंजन को हरी झंडी

सुकना स्टेशन महोत्सव के बाद डीएचआर सेक्शन में कई महत्वपूर्ण परिचालन एवं बुनियादी ढांचा कार्यक्रम आयोजित किए गए। तिनधरिया वर्कशॉप में 125 वर्ष पुराने विरासत भाप इंजन 780B को महाप्रबंधक एवं रेलवे अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान 36 वर्षों के बाद पुनर्स्थापित एक फ्लैट वैगन को भी परिचालन में शामिल किया गया।

वहीं, गिद्धापहाड़ साइडिंग का औपचारिक उद्घाटन एवं पुनर्स्थापना की गई। करीब 21 वर्षों बाद पुनर्जीवित की गई इस साइडिंग से क्षेत्र की परिचालन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा गिद्धापहाड़ में नए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) बैरक का उद्घाटन किया गया, जिससे क्षेत्र के सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।

पूरे दिन आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से एनएफआर ने डीएचआर की ऐतिहासिक विरासत, पुराने भवनों और विंटेज लोकोमोटिव के संरक्षण के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास तथा स्थानीय समुदाय के साथ जुड़ाव पर जोर दिया।

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