एनएच-10 पर ऑड-ईवन व्यवस्था की समीक्षा करेगा सिक्किम, हाईकोर्ट ने दिया 3 हफ्ते का समय

रानीपूल से गंगटोक के बीच ऑड-ईवन प्रतिबंधों पर 15 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
एनएच-10 पर ऑड-ईवन व्यवस्था की समीक्षा करेगा सिक्किम, हाईकोर्ट ने दिया 3 हफ्ते का समय
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गंगटोक: सिक्किम हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को राष्ट्रीय राजमार्ग-10 (एनएच-10) के मेफेयर जंक्शन, रानीपूल से जीरो प्वाइंट जंक्शन, गंगटोक तक लागू ऑड-ईवन वाहन व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।

मुख्य न्यायाधीश ए. मोहम्मद मुस्ताक और न्यायमूर्ति भास्कर राज प्रधान की खंडपीठ ने 22 सितंबर को महेश राय एवं अन्य की ओर से राज्य सरकार तथा संबंधित प्राधिकरणों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता जांगपो शेरपा ने अदालत को बताया कि सरकार मेफेयर जंक्शन, रानीपूल से जीरो प्वाइंट जंक्शन, गंगटोक तक एनएच-10 पर लागू ऑड-ईवन प्रतिबंधों की समीक्षा कर रही है। सरकार के इस पक्ष को दर्ज करते हुए अदालत ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। यह जनहित याचिका राज्य में ऑड-ईवन व्यवस्था के विस्तार से आम लोगों को हो रही परेशानियों को लेकर दायर की गई थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने विभिन्न जिलों के प्रशासन को नागरिकों की शिकायतों और उन्हें हो रही दिक्कतों का विवरण एकत्र कर अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। अदालत ने सार्वजनिक परिवहन तथा आवागमन के वैकल्पिक साधनों की उपलब्धता की जानकारी भी मांगी थी। राज्य सरकार ने मई में ईंधन की उपलब्धता को लेकर उत्पन्न चिंताओं के बीच ईंधन संरक्षण के उद्देश्य से ऑड-ईवन व्यवस्था लागू की थी। बाद में 31 मई से गंगटोक शहर को छोड़कर राज्य के अन्य जिलों में निजी वाहनों पर लागू ऑड-ईवन प्रतिबंध हटा दिए गए थे। सरकार की समीक्षा में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध होने की बात सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया था। हालांकि, गंगटोक शहर में ऑड-ईवन व्यवस्था जारी रही। ईंधन संरक्षण के लिए सरकार ने कई अन्य कदम भी उठाए थे। इनमें मुख्यमंत्री के वाहन काफिले में 50 प्रतिशत की कमी, सरकारी कार्यालयों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह, रोस्टर के आधार पर 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए घर से काम करने की व्यवस्था और सरकारी वाहनों के ईंधन आवंटन में 30 प्रतिशत की कटौती शामिल थी।

हाईकोर्ट में 22 सितंबर को हुई सुनवाई के बाद अब सरकार रानीपूल से गंगटोक के बीच एनएच-10 के निर्धारित हिस्से में लागू ऑड-ईवन व्यवस्था की समीक्षा करेगी। समीक्षा के परिणाम और सरकार के अगले कदम पर 15 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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