रोशनी से महरूम ईस्टर्न बाइपास, अंधेरे में बढ़ती दुर्घटनाएं और अपराध का डर

ईस्टर्न बाइपास पर स्ट्रीट लाइटों की कमी से राहगीर और वाहन चालक खतरे में, अंधेरे का फायदा उठाकर बढ़ रहे हादसे और आपराधिक वारदातें
No electric poles in Eastern bypass road
No electric poles in Eastern bypass road
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सिलीगुड़ी : शहर और आसपास के इलाकों में तेजी से व्यावसायिक विकास हो रहा है। माटीगाड़ा से ईस्टर्न बाइपास तक कई नए शोरूम और बड़ी दुकानें खुल रही हैं। लेकिन इसी व्यस्त सड़क का बड़ा हिस्सा रात में अंधेरे में डूब जाता है। आशीघर मोड़ से ठाकुरनगर और बाणेश्वर मोड़ की ओर जाने वाले रास्ते में कई जगह स्ट्रीट लाइट या बिजली के खंभे नहीं हैं। जहां खंभे लगे भी हैं, उनमें से कई लंबे समय से खराब पड़े हैं। रात करीब 9 से 10 बजे दुकानों के बंद होने के बाद आशीघर सहित कई इलाके पूरी तरह अंधेरे में बदल जाते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। राहगीरों, आवारा कुत्तों और अन्य वाहनों को समय पर देख पाना मुश्किल होता है। साथ ही, अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी की घटनाएं भी हो रही हैं। स्थानीय व्यवसायियों और नियमित यात्रियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पूरे ईस्टर्न बाइपास पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है। डाबग्राम-2 ग्राम पंचायत की प्रधान मिताली मालाकार ने बताया कि बाइपास पर रोशनी की व्यवस्था का काम एसजेडीए के अंतर्गत आता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एसजेडीए के नए गठन के बाद काम शुरू होगा और दुर्गापूजा से पहले सड़क पर रोशनी की व्यवस्था कर दी जाएगी।

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