

नागराकाटा : बानरहाट प्रखंड के देवपाड़ा चाय बागान की मुख्य सड़क की बदहाली से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले एक साल से अधिक समय से जर्जर इस सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और कीचड़ जमा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद मरम्मत के लिए कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
यह सड़क देवपाड़ा चाय बागान के अलावा अपर केलाबाड़ी, केलाबाड़ी, नथुआ, तोतापाड़ा और मंगलगाटा सहित आसपास के कई गांवों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से लोग सिलीगुड़ी, मालबाजार, नागराकाटा, बानरहाट, बीरपाड़ा और अलीपुरद्वार आते-जाते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, गड्ढों के कारण टोटो पलटने और बाइक सवारों के गिरकर घायल होने की घटनाएं हो चुकी हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का पता नहीं चलता, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
सड़क की बदहाली का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ रहा है। स्थानीय निवासी कविता सोनार, गणेश प्रधान, धुर्ब छेत्री, शुक्रा उरांव और मनु महली ने बताया कि कीचड़ और पानी के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। उनकी वर्दी गंदी हो जाती है और सुरक्षित आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत की ओर से कभी-कभार बालू डालकर अस्थायी मरम्मत की जाती है, लेकिन बारिश में बालू बह जाने से सड़क फिर बदहाल हो जाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी इस सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग की है।
इस संबंध में बानरहाट के प्रखंड विकास अधिकारी निमा छिरिंग शेर्पा ने बताया कि सड़क का जल्द निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।