

सिलीगुड़ी: दुर्गापूजा से पहले सिलीगुड़ी के दार्जिलिंग मोड़ पर वर्षों से चली आ रही जाम की समस्या को कम करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। ट्रैफिक प्रशासन सितंबर के अंत तक नए रेलवे ओवरब्रिज को वाहनों के लिए खोलने की तैयारी में जुट गया है। नए रेलवे ओवरब्रिज पर यातायात को सुचारु और सुरक्षित रखने के लिए सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के ट्रैफिक अधिकारियों ने पूरी ट्रैफिक व्यवस्था का ब्लूप्रिंट भी तैयार कर लिया है। नए रेलवे ओवरब्रिज को फिलहाल वन-वे के तौर पर इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत हिलकार्ट रोड और चंपासारी मोड़ की ओर से दार्जिलिंग मोड़ जाने वाले वाहनों को नए रेलवे ओवरब्रिज से गुजारा जाएगा। वहीं, दार्जिलिंग मोड़ से दागापुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए निर्धारित मार्ग से डायवर्जन की व्यवस्था की जाएगी। दूसरी ओर, सिटी सेंटर से चंपासारी की तरफ जाने वाले वाहनों को फिलहाल पुराने रेलवे ओवरब्रिज से ही सीधे निकाला जाएगा। ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पूजा के मौसम में पुराने और नए दोनों रेलवे ओवरब्रिज को जरूरत के अनुसार वन-वे व्यवस्था में इस्तेमाल किया जा सकता है।
पुराने रेलवे ओवरब्रिज को पूजा के बाद तोड़ा जाएगा
प्रशासन के मुताबिक, नए रेलवे ओवरब्रिज के संचालन की तैयारियों के साथ ही पुराने रेलवे ओवरब्रिज को हटाने की दिशा में भी योजना तैयार है। पूजा का मौसम खत्म होने के बाद पुराने रेलवे ओवरब्रिज को तोड़कर उस हिस्से में आगे का निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।
इसी तैयारी के तहत माल्लागुड़ी मोड़ पर स्थापित क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पूर्णावयव प्रतिमा को भी स्थानांतरित कर दिया गया है। नए रेलवे ओवरब्रिज को जोड़ने वाली सड़क को चौड़ा करने के लिए मार्किंग का काम भी शुरू हो चुका है।
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर रेलवे और एशियन हाईवे अथॉरिटी से चर्चा
शहरवासियों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नए रेलवे ओवरब्रिज और प्रस्तावित फोर-लेन व्यवस्था के पूरा होने के बाद दार्जिलिंग मोड़ की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा।