

सिलीगुड़ी : दार्जिलिंग मोड़ पर वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से अब लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। रविवार को बालासन से सेवक आर्मी कैंटोनमेंट तक बनने वाले एलिवेटेड हाईवे कॉरिडोर के दार्जिलिंग मोड़ हिस्से की एक कैरिजवे को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। इस मौके पर लोक निर्माण विभाग के मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने इसका उद्घाटन किया। दार्जिलिंग मोड़ सिलीगुड़ी का एक महत्वपूर्ण मोड़ है और शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। यहां लंबे समय से ट्रैफिक जाम के कारण विद्यार्थियों, स्थानीय निवासियों, मरीजों, व्यापारियों, यात्रियों, पर्यटकों और परिवहन से जुड़े लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब एलिवेटेड कॉरिडोर की एक लेन चालू होने से इस हिस्से में यातायात का दबाव कम करने और वाहनों की आवाजाही को सुचारू बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना केवल दार्जिलिंग मोड़ तक सीमित नहीं है। बालासन से माटीगाड़ा होते हुए दार्जिलिंग मोड़ और आगे सेवक मिलिट्री स्टेशन तक चार लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें एलिवेटेड कॉरिडोर भी शामिल है।परियोजना का काम अभी विभिन्न हिस्सों में जारी है।परियोजना पूरी होने के बाद सिलीगुड़ी कॉरिडोर में यातायात और माल परिवहन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इससे उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर के बीच संपर्क के साथ-साथ भारत, भूटान और नेपाल के बीच सड़क संपर्क को भी मजबूती मिलने की बात कही गई है। बेहतर कनेक्टिविटी का असर क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। उद्घाटन के बाद निर्माणाधीन हिस्से का सांसद राजू बिष्ट ने पीडब्ल्यूडी मंत्री अजय कुमार पोद्दार ने निरीक्षण कर बाकी काम की प्रगति का जायजा भी लिया। जानकारी के अनुसार, पूरे चार लेन वाले कॉरिडोर को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दार्जिलिंग मोड़ पर एक कैरिजवे खुलने के साथ फिलहाल वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, पूरे कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने का लक्ष्य है।