पब और बार सरकार के लिए राजस्व का एक प्रमुख स्रोत

पब बार फाइल फोटो
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सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी में ऐसे बहुत से विख्यात मॉल और स्थान है जो विशेष कर अब पब और बार के लिए जाने जाते है | पब और बार नाइट कल्चर सिर्फ मनोरंजन और मौज मस्ती की जगह नहीं है, बल्कि यह उद्योग भारी मात्रा में उत्पाद शुल्क और वैटके माध्यम से सरकार के लिए राजस्व का एक प्रमुख स्रोत है, यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न कर पर्यटन को बढ़ावा और व्यापारियों को भी बड़ा मुनाफा प्रदान करता है। दूसरी ओर नाइट कल्चर के बढ़ते चलन से युवा पीढ़ी नशे की लत, अनियंत्रित नाइट कल्चर और आपराधिक मामलों का भी भय उत्पन्न हो रहा है। नाइट कल्चर के बढ़ते चलन को लेकर आखिर आम जनता क्या सोचती है ? इस प्रश्न पर साधारण लोगों ने अपना रोष जाहिर किया है, साथ ही प्रशासन से कड़े नियम कानून बनाने की मांग की है :

एंटरटेनमेंट, म्यूज़िक और दोस्तों के साथ समय बिताने की जगह के तौर पर पब और बार की लोकप्रियता बढ़ रही है, लेकिन समाज पर इसके कुछ नकारत्मक असर भी दिख रहे है | देर रात तक जागना, शोर शराबा, शराब, हुक्का , इसे स्वस्थ पर बुरा असर पड़ता है और फालतू के खर्चे बढ़ जाते है, पब और बार में एंटरटेनमेंट के साथ कुछ नियम बनाना जरुरी हो गया है जिससे समाज में बैलेंस बना रहे : रतन कुमार प्रधान

पब और बार पहले भी थे और अब भी है बस अब लोगों के लाइफ स्टाइल में परिवर्तन आ गया है | युवाओं को एंटरटेनमेंट भी चाहिए लेकिन लेट नाइट कल्चर का चलन अब बढ़ गया है, जिस कारण कुछ नियम लागू होने जरुरी है | पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है | वे भी नागरिकों को सुरक्षा देने का प्रयास कर रहे है, ऐसे में अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर नजर रखने और सख्त होने की जरूरत है : नितिन छेत्री

देर रात तक डिस्को, पब और बार खुले रहना बिल्कुल सही नहीं है युवा बिगड़ रहे हैं और अपने परिवार से दूर होते जा रहे हैं | इसे सेहत के साथ धन की भी हानि हो रही है | पुलिस प्रशासन कार्रवाई कर रही है लेकिन सफलता से अभी दूर है | लगातार हिड एंड रन और सड़क दुर्घटनाएं घट रही है, युवा नशे की लत में पड़ अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं, ऐसे में सरकार को ही सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है: जोदू रॉय

नाइट कल्चर बिल्कुल ही अच्छा नहीं, यह कल्चर समाज को भ्रमित और नुकशान पहुंचा रहा है | घर में खाना पीना करना ठीक है, लेकिन यदि कोई पब और बार में जाकर नशे का सेवन करते हैं तो उनकी मानसिकता में बुरा असर पड़ता है और वहां से निकलने के बाद वे सड़कों पर विभिन्न तरह की गतिविधियां करने लगते हैं | बार, पाब को लाइसेंस देने में कड़े नियम व मोटी रकम का प्रावधान करना जरूरी है : डॉ. प्रदीप प्रधान

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