

सिलीगुड़ी : दुर्गा पूजा में अब करीब एक महीने का समय बचा है, लेकिन सिलीगुड़ी के कुम्हारटोली के मूर्तिकार इन दिनों मिट्टी के संकट से जूझ रहे हैं। प्रतिमा बनाने के लिए उन्हें ‘उधार’ की मिट्टी लेनी पड़ रही है। उतनी ही मात्रा में मिट्टी वापस नहीं करने पर भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। कई कलाकार चोरी-छिपे मिट्टी जुटाने को मजबूर हैं। मूर्तिकारों का कहना है कि मां दुर्गा की प्रतिमा बनाने के लिए मिट्टी की ऐसी किल्लत उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। दरअसल, दार्जिलिंग जिले में नदी से मिट्टी उठाने की अनुमति अभी कानूनी पेच में फंसी हुई है। मूर्तिकार हर साल सीमा से सटी चेंगा नदी से मिट्टी लाते हैं, लेकिन इस बार वे नियमों के तहत मिट्टी उठाना चाहते हैं। इसी प्रक्रिया में अब तक अनुमति नहीं मिल पाने से परेशानी बढ़ गई है। सिलीगुड़ी कुम्हारटोली के मृत्तिका शिल्पी विकास समिति के अनुसार, इस समस्या को लेकर कलाकार करीब तीन महीने पहले मुख्यमंत्री को भी जानकारी दे चुके हैं। जिला प्रशासन के साथ कई दौर की बैठक में भी लिखित रूप से समस्या बताई गई। प्रशासन की ओर से ब्लॉक भूमि एवं भूमि सुधार अधिकारियों को मामले की जांच कर मिट्टी उठाने की अनुमति देने को कहा गया था। हालांकि अभी तक समस्या पूरी तरह नहीं सुलझी है। फांसीदेवा ब्लॉक भूमि एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से बताया गया है कि कुछ दिन पहले ही जांच की अनुमति मिली है। अब यह देखा जाएगा कि कितनी मात्रा में मिट्टी उठाने की अनुमति दी जा सकती है।इधर, पूजा नजदीक आने के कारण कलाकारों की चिंता बढ़ती जा रही है। उनका दावा है कि इस बार मिट्टी की कीमत काफी बढ़ गई है। 40 सीएफटी मिट्टी के लिए करीब 40 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। इसके अलावा मिट्टी को वाहन से कुम्हारटोली तक लाने में करीब एक हजार रुपये का खर्च हो रहा है। जरूरत के मुताबिक मिट्टी नहीं मिलने पर कलाकारों को कभी जलपाईगुड़ी तो कभी दूसरे दूर के इलाकों से मिट्टी मंगानी पड़ रही है।सिलीगुड़ी कुम्हारटोली मृत्तिका शिल्पी विकास समिति के अध्यक्ष अधीर पाल ने बताया कि हर साल कुम्हारटोली से करीब 700-800 दुर्गा प्रतिमाएं तैयार होकर बिकती थीं। इस बार ऑर्डर तो आ रहे हैं, लेकिन मिट्टी की कमी के कारण प्रतिमा बनाना मुश्किल हो रहा है। उनके मुताबिक इस बार करीब 200 प्रतिमाएं कम तैयार होने की आशंका है। एक मूर्तिकार ने कहा कि कानूनी जटिलता के कारण नदी से मिट्टी नहीं उठाने दी जा रही है।बाहर से मिट्टी लाने पर रास्ते में पुलिस रोक देती है, जिससे खर्च और बढ़ जाता है। मिट्टी की कमी के कारण कलाकार इस बार नए ऑर्डर लेने से भी डर रहे हैं। फांसीदेवा के विधायक दुर्गा मुर्मू ने कहा है कि मूर्तिकारों को मिट्टी हासिल करने में किसी तरह की कानूनी परेशानी न हो, इस पर वह नजर रखेंगे।