

सिलीगुड़ी : डाबग्राम स्थित सिलीगुड़ी गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज व जाबराभिटा स्थित उसका सेकंड कैम्पस अचल अवस्था में आ गया है। गत तीन महीनों से वेतन भुगतान लंबित रहने के विरुद्ध अनुबंध आधारित सुरक्षा कर्मियों ने वहां काम रोको आंदोलन शुरू कर दिया है। ऐसे में मजबूरन शिक्षकों, शिक्षिकाओं व शिक्षा कर्मियों को दिन-रात बारी-बारी कर अलग-अलग पालियों में सुरक्षा व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। इससे कक्षाएं भी प्रभावित हो रही हैं। इसे लेकर विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों में भी गहरा रोष है। वहीं, सुरक्षा कर्मी वेतन बिना काम पर नहीं लौटने को अड़े हुए हैं।
कॉलेज में बुधवार को इसी तरह सुरक्षा व्यवस्था की ड्यूटी में लगे एक शिक्षक मलय रंजन मल्लिक ने कहा कि, बारी-बारी कर अलग-अलग पाली में अलग-अलग शिक्षक व कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। जैसे, आज रात उन लोगों की ड्यूटी जाबराभिटा में सेकंड कैम्पस में लगी है। वहां सुनसान जगह पर जान का भी डर है। मगर, सरकारी संपत्ति की सुरक्षा का दायित्व भी है तो उसे तो निभाना तो पड़ेगा ही। दस्तावेजों और उपकरणों की सुरक्षा जरूरी है। वे नष्ट हो गए तो प्रैक्टिकल नहीं करा पाएंगे।
इस तरह एक शिक्षक अमित नाथ ने कहा कि, सपोर्ट स्टाफ लोगों की कुछ समस्याएं हैं। उनके प्रति हम सहानुभूति रखते हैं। हम उनके हमदर्द हैं। मगर, कॉलेज को सुरक्षाविहीन तो नहीं रखा जा सकता है। इसीलिए हम शिक्षक व कर्मचारी भी फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। आशा है कि जल्द ही सुरक्षा कर्मियों की समस्याओं का समाधान हो जाएगा तब हालात स्वाभाविक हो जाएंगे।
डाबग्राम स्थित सिलीगुड़ी गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज व जाबराभिटा स्थित उसके सेकंड कैम्पस के अनुबंध आधारित सुरक्षा कर्मियों के आंदोलन के समर्थन में अब माकपा समर्थित ट्रेड यूनियन सीटू भी आगे आया। सीटू समर्थकों ने बुधवार को डाबग्राम इलाके में रैली निकाली व पॉलिटेक्निक कॉलेज के मुख्य प्रवेशद्वार पर एकत्रित हो विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बैनर प्रदर्शित करते हुए एवं नारेबाजी करते हुए प्रतिवाद जताया। इस अवसर पर माकपा नेता शरदींदू चक्रवर्ती ने कहा कि, पॉलिटेक्निक कॉलेज के अनुबंध आधारित सुरक्षा कर्मियों का वेतन भुगतान 100 दिनों यानी तीन महीनों से भी अधिक समय से लंबित है। इसके चलते उनके घर-परिवार में समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। चूल्हा तक जलना मुहाल हो गया है। इसीलिए हमारी मांग है कि अविलंब उनके लंबित वेतन का भुगतान किया जाए। अन्यथा, आगामी दिनों हम लोग और जोरदार आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस विरोध प्रदर्शन में कई सीटू समर्थक सम्मिलित रहे।