पेंशन दया का दान नहीं, संवैधानिक अधिकार: पेंशनर्स यूनियन

बैठक में शामिल गण मान्य लोग
बैठक में शामिल गण मान्य लोग
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जलपाईगुड़ी: जलपाईगुड़ी के रवींद्र भवन में बुधवार को केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स यूनियन का 13वां शाखा सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में पेंशन को दया का दान नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार बताते हुए पेंशनभोगियों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन को और मजबूत करने का आह्वान किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन संगठन के राज्य सचिव पुरंजय लाहिड़ी ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया वित्त विधेयक के माध्यम से केंद्र सरकार पेंशन बढ़ाने की संभावनाओं को सीमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पेंशन को आर्थिक बोझ के रूप में पेश करने की कोशिश की जा रही है। कार्यक्रम में आशीष चौधरी, संगठन के राज्य अध्यक्ष माणिकलाल मुखर्जी और केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स एसोसिएशन के संयुक्त महासचिव उत्तम पाल समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने देश में विभाजन की राजनीति के साथ-साथ सांप्रदायिकता और जातिगत राजनीति के मुद्दे पर भी अपनी चिंता व्यक्त की। सम्मेलन में दो सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अगले दो वर्षों के लिए उत्तम सरकार को अध्यक्ष, प्रणब भट्टाचार्य को सचिव और ज्योतिर्मय विश्वास को कोषाध्यक्ष चुना गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंजुश्री राय की ओर से प्रस्तुत जनगीत से हुई।

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