

कर्सियांग : सिटोंग स्थित एक होमस्टे में बारबेक्यू के दौरान नवविवाहिता के आग की चपेट में आकर घायल होने के मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता रमेश अग्रवाल ने कहा है कि अब तक सामने आए तथ्यों और घटनाक्रम के आधार पर इसमें किसी तरह की साजिश प्रतीत नहीं होती, बल्कि यह एक दुर्घटना का मामला दिखाई देता है। अधिवक्ता अग्रवाल के अनुसार, बचाव पक्ष की ओर से अदालत में आरोपियों की जमानत के लिए बेल पिटीशन दायर की गई थी। हालांकि, कर्सियांग स्थित एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने पांच दिनों की पुलिस रिमांड की मांग की थी, जिसमें अदालत ने चारों आरोपियों को चार दिनों की पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया है। अग्रवाल के अनुसार, मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी। उन्होंने कहा कि उसी दिन बचाव पक्ष की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।