निगम के बुलडोजर चलते ही उजड़ गए कई आशियाने

हाईकोर्ट के निर्देश पर जलपाईमोड़ में निगम कर्मचारी और पुलिस बल अवैध निर्माण हटाने पहुंचे, घर टूटने के बाद छलका परिवारों का दर्द
Illegal constructions
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सिलीगुड़ी : किसी के लिए वह सिर्फ एक मकान था, लेकिन किसी के लिए वही घर पूरी जिंदगी की कमाई, यादें और आखिरी सहारा था। मंगलवार सुबह सिलीगुड़ी के जलपाईमोड़ इलाके में जब नगर निगम की जेसीबी कथित अवैध निर्माणों पर चली, तो कई परिवारों की आंखों के सामने उनका आशियाना टूटता चला गया। कोई अपना सामान बचाने की कोशिश करता नजर आया, तो कोई टूटे घर के सामने बेबस खड़ा रहा। शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ सिलीगुड़ी नगर निगम लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में मंगलवार सुबह भी अभियान चलाया। खालपाड़ा थाना पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम की टीम जलपाईमोड़ इलाके में पहुंची और कई कथित अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। नगर निगम के अनुसार, इन निर्माणों के खिलाफ पहले से प्रक्रिया चल रही थी और संबंधित लोगों को निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर इसदिन कार्रवाई की गई।

प्रभावित परिवारों ने बताया अपना दर्द

एक प्रभावित व्यक्ति ने कहा कि यह हमारे लिए सिर्फ चार दीवारें नहीं थीं। इसी घर में हमारी जिंदगी बीती है। अगर निर्माण गलत था तो हमें पर्याप्त समय दिया जाता। एक झटके में हमारा आशियाना उजाड़ दिया गया। हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया था।अब परिवार को लेकर कहां जाएं, यही समझ नहीं आ रहा। एक अन्य प्रभावित व्यक्ति ने कहा कि नगर निगम और 2 दिन का समय दे सकता था, ताकि हम किराए का घर देख लेते, लेकिन अचानक तोड़ दिया गया।

बेबस बुजुर्ग की आंखों से छलकें आंसू

कार्रवाई के दौरान बुजुर्ग महिला जरिना खातून ने कहा कि वह बिहार से आई थी, अपने परिवार के साथ यही रहती है, यह घर सहारा था, वही आंखों के सामने टूट गया। हम बूढ़े लोग हैं, अब कहां जाएंगे? यही हमारा घर था। इसी छत के नीचे जिंदगी गुजर रही थी। घर टूट गया तो ऐसा लग रहा है जैसे सब कुछ खत्म हो गया। हमें पहले ठीक से समय दिया जाता तो हम अपना सामान बचा लेते।

पहले भी दिया गया था नोटिस, लेकिन नहीं हटाया गया

नगर निगम अधिकारी ने कहा कि कार्रवाई अचानक नहीं की गई। संबंधित लोगों को 2025 में निर्माण हटाने के लिए कहा गया था। जिन निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे नियमों के अनुरूप नहीं थे। संबंधित लोगों को पहले ही हटाने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया, जिसके बाद पुलिस की सहायता से अभियान चलाया गया। अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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