

सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम पेंशनर्स एसोसिएशन ने गुरुवार अपनी 30वीं स्थापना वर्षगांठ बड़े उत्साह के साथ मनाई। इस अवसर पर सिलीगुड़ी के मल्लागुड़ी स्थित शाखा कार्यालय में झंडा फहराने और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संगठन के सिलीगुड़ी डिवीजन शाखा के अध्यक्ष कामरेड संजीव राय द्वारा ध्वजारोहण से हुई। मौके पर संगठन के सचिव दिलीप दे, अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी डिवीजन के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग शाखा के सदस्य भी इस अवसर पर शामिल हुए। संगठन के केंद्रीय संयुक्त सचिव कामरेड अमल आचार्य ने कार्यक्रम को संबोधन करते हुए संगठन के संघर्षपूर्ण इतिहास और पेंशन आंदोलन में निभाई गई भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पेंशन की उपलब्धि वाम मोर्चा सरकार और तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु की सक्रियता और संवेदनशीलता के कारण संभव हुई थी। आचार्य ने वर्तमान राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनधारियों के 23 हजार करोड़ रुपये बकाया रखे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को उनका हक महंगाई भत्ता नहीं दिया है। परिवहन निगम के पेंशनभोगियों को अब तक पूजा और ईद बोनस से भी वंचित रखा गया है, जबकि इसके लिए सरकारी आदेश मौजूद है। उन्होंने आगे कहा कि पेंशनभोगियों को स्वास्थ्य बीमा योजना से भी बाहर रखा गया है और आज तक सातवें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। निगम की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि प्रशासनिक पदों पर नियमित अधिकारियों की नियुक्ति न होने और कंडक्टर-ड्राइवरों की कमी के कारण यात्री सेवा चरमरा गई है।
कामरेड आचार्य ने कहा कि यह हैरान करने वाली सच्चाई है कि आज उत्तर बंग परिवहन निगम को ठेका कर्मियों के भरोसे चलाया जा रहा है। कई डिपो, डिवीजन और यहां तक कि कूचबिहार के केंद्रीय कार्यालय में भी प्रशासनिक जिम्मेदारी संविदा कर्मियों के हाथ में है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष नहीं किया गया, तो कभी राज्य की शान रहा यह परिवहन उद्योग पूरी तरह नष्ट हो जाएगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से सड़क पर उतरकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।