सांसद ने पुलिस वाले को डांटा तो बिफरे डिप्टी मेयर

सांसद ने पुलिस वाले को डांटा तो बिफरे डिप्टी मेयर
Published on

सिलीगुड़ी : दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने पुलिस वाले को डांट पिलाई तो उस पर तृणमूल कांग्रेस संचालित सिलीगुड़ी नगर निगम के डिप्टी मेयर रंजन सरकार बिफर उठे। उन्होंने बुधवार को कहा कि, 'भाजपा के नेता लोग क्षमता में आने के बाद या तो खुद को भगवान समझते हैं या शैतान समझते हैं। यह दोनों ही मनोभाव अत्यंत हानिकारक है। खुद को श्रेष्ठ दिखाने के लिए किसी भी व्यक्ति को बुरा-भला कहना, नीचा दिखाना, कदापि सही नहीं है। संविधान ऐसी मनोवृत्ति को परश्रय नहीं देता। दार्जिलिंग जैसे प्रतिष्ठित लोकसभा क्षेत्र के सांसद यदि ऐसी भाषा बोलें तो यह उनकी अपनी रुचि है। भाजपा नताओं को यह सोचना चाहिए कि, क्या बोल रहे हैं? कहां बोल रहे हैं? क्यों बोल रहे हैं? ये लगता है कि वे लोग समझ नीं पाते हैं।'

डिप्टी मेयर ने यह भी कहा कि, 'स्वाधीनता आंदोलन में जिन लोगों का कोई जुड़ाव ही नहीं था, कोई योगदान ही नहीं था या जो अंग्रेजों के साथ थे, वे लोग आज दूसरों को क्या कहेंगे? जो लोग इस माटी के नहीं हैं, राजू बिष्ट तो यहां के नहीं हैं, बंगाल के नहीं हैं, इसीलिए बंगाल की संस्कृति के प्रति उनकी कोई धारणा ही नहीं है। उन्हें और बंगाल की संस्कृति को जानना-समझना चाहिए। मैं सहनशील हो कर ही कहना चाहता हूं कि, भाषा ही ऐक ऐसी चीज है जिससे चाहे तो पृथ्वी जीती जा सकती है। भाषा ही ऐसी चीज कि जिसके जरिये लोगों तक पहुंचा जा सकता है। लोग जिसे स्वीकर कर सकें वैसी ही भाषा में बात करनी चाहिए। ऐसी भाषा उचित नहीं जो लोगों को दुख दें। बंगाल में तो कम से कम यह मान्य नहीं है। उन लोगों के राज्यों में हो सकता है। बंगाल में एकदम नहीं।

उल्लेखनीय है कि, फांसीदेवा में एक गर्भवती आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट जिसके चलते उसके गर्भ के शिशु की दुखद मृत्यु हो गई, उस पीड़ित परिवार से बीते मंगलवार को सांसद राजू बिष्ट मिलने गए थे। उस समय उन्होंने फोन कर किसी पुलिस वाले को जम कर डांट पिलाई थी। कहा था कि, 'तुम पुलिस हो कि टीएमसी के दलाल हो? किससे बात कर रहो, तुमको पता है? जिस दिन जिसका टाइम आएगा उस दिन करेंगे, इसका क्या मतलब है? आपको किसलिए यहां पे नौकरी पे रखा है?, 23 दिसंबर की घटना है। आस-पड़ोस 2 किलेामीटर के अंदर की घटना है। पुलिस अगर घटना के तथ्य पकड़र कर दो महीने में भी अपराधी को नहीं पकड़ सकती तो फिर क्या करोगे? बाकी चार तो अभी पकड़ाए नहीं हैं। दूसरा तो घूम रहा है, घर में आ कर धमकी देता है। सुनो, जितने भी गुंडे हैं न, सबको बता देना, मैं सबसे बड़ा गुंडा हूं, मेरे से बड़ा गुंडा नहीं है यहां कोई। इसका फटाफट इंवेस्टिगेशन कर जो भी अपराधी हैं वे अंदर होने चाहिएं।'

सांसद ने यह भी कहा कि, 'फांसीदेवा या दार्जिलिंग जिला में जितने भी गुंडे हैं, वे दो में से एक चुन लें। या तो गुंडागर्दी छोड़ दें, या दार्जिलिंग जिला छोड़ दें। यहां गुंडागर्दी नहीं चलेगी। यहां का सबसे बड़ा गुंडा मैं हूं, राजू बिष्ट।'

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in